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सावधान ! गाड़ियों में कराया अवैध बदलाव और बनवाया गुप्त केबिन तो सीधे होगी जब्ती

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लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क

– अवैध मॉडिफिकेशन कर तस्करी करने वाले असामाजिक तत्वों पर ‘जीरो टॉलरेंस’, परिवहन और पुलिस विभाग चलाएंगे संयुक्त अभियान, राजस्थान सरकार के सख्त आदेश जारी
लोक टुडे। जयपुर। वाहनों में अवैध मोडिफिकेशन कर मादक पदार्थों का परिवहन एवं अन्य गैर कानूनी गतिविधियों में संलिप्त असामाजिक तत्वों पर अब कड़ी कार्रवाई होगी। इस पर नकेल कसने के लिए राज्य सरकार ने बड़े स्तर पर विशेष अभियान शुरू करने के आदेश दिए हैं। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के निर्देश पर परिवहन एवं सड़क सुरक्षा विभाग तथा पुलिस प्रशासन द्वारा प्रदेशव्यापी जांच और जन-जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। इस सख्त कदम के पीछे सरकार की मंशा अपराधियों के नेटवर्क को पूरी तरह ध्वस्त करना है। हाल ही में राज्य सुरक्षा एजेंसियों और परिवहन विभाग के संज्ञान में आया है कि तस्करों और असामाजिक तत्वों द्वारा गाड़ियों (विशेषकर एसयूवी और ट्रकों) के चेसिस, बॉडी और आंतरिक संरचना में अवैध बदलाव किए जा रहे हैं। इन गुप्त केबिनों और मॉडिफिकेशन्स का उपयोग मुख्य रूप से अवैध मादक पदार्थों की तस्करी, अवैध हथियारों के परिवहन और अन्य अपराधों को अंजाम देने के लिए किया जा रहा है। प्रदेशभर में ऐसे वाहन स्वामियों के खिलाफ चालान, जब्ती एवं अन्य कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। इसके लिए सभी क्षेत्रीय एवं जिला परिवहन अधिकारियों को विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। पर खबर के लिए हैडिंग

आरटीओ चलाएगा विशेष अभियान –
परिवहन विभाग के संज्ञान में आया है कि असामाजिक तत्वों द्वारा वाहनों में अवैध मोडिफिकेशन कर मादक पदार्थों का अवैध परिवहन सहित अन्य गैर कानूनी गतिविधियां करने की संभावनाएं रहती हैं। वाहनों पर नियम विरूद्ध प्रतीक आदि लगाकर आमजन को भयभीत किए जाने की भी सूचनाएं मिलती हैं। ऐसी गतिविधियों पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए राज्यव्यापी अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं। इन निर्देशों के तहत मोटरयान अधिनियम 1988 एवं केन्द्रीय मोटरयान नियम, 1989 के प्रावधानों की प्रभावी पालना सुनिश्चित करने के लिए यह विशेष अभियान चलाया जाएगा।

अवैध मॉडिफिकेशन पर सख्त कार्रवाई –
परिवहन विभाग के अनुसार राज्य में बड़ी संख्या में ऐसे वाहन संचालित होने की सूचनाएं सामने आती हैं, जिनमें नियमों के विपरीत अवैध मोडिफिकेशन, प्रेशर हॉर्न, एयर हॉर्न, अनाधिकृत लाल एवं नीली बत्तियां, फ्लैशर, हूटर, काली फिल्म, नियम विरूद्ध नम्बर प्लेट, अनाधिकृत शब्द, चिन्ह एवं लेखन प्रदर्शित किए जा रहे हैं। ऐसे वाहनों का उपयोग गैर कानूनी गतिविधियों एवं अपराधों में भी किए जाने की संभावना रहती है। मोडिफिकेशन के कारण वाहनों की पहचान नहीं होने से अपराधियों को पकड़ना भी मुश्किल हो जाता है। साथ ही, सड़क सुरक्षा पर भी गंभीर खतरा उत्पन्न होता है। ऐसी अवांछित गतिविधियों पर प्रभावी रोकथाम के लिए राज्यभर में व्यापक जन-जागरूकता एवं प्रवर्तन अभियान चलाया जाएगा। अभियान का व्यापक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिए गए हैं ताकि वाहन स्वामी स्वेच्छा से नियमों का पालन सुनिश्चित कर सकें।

चालान के साथ ड्राइविंग लाइसेंस होगा निरस्त –
विभाग ने स्पष्ट किया है कि वाहन की संरचना, बॉडी, चेसिस में ऐसा कोई परिवर्तन नहीं किया जा सकता, जिससे वाहन के पंजीकरण प्रमाण-पत्र में दर्ज मूल विवरण प्रभावित हो। वाहन का प्रकार, सीटिंग क्षमता, रंग एवं आयाम अथवा निर्माता द्वारा अनुमोदित विनिर्देशों से भिन्न कोई भी परिवर्तन अवैध माना जाएगा। किसी वाहन पर सक्षम प्राधिकारी की अनुमति के बिना लाल या नीली बत्ती, फ्लैशर, स्ट्रोब लाइट, बीकन लाइट, हूटर, प्रेशर हॉर्न, एयर हॉर्न अथवा निर्धारित मानकों के विपरीत ध्वनि उपकरण पाए जाने पर उन्हें मौके पर ही हटाया जाएगा। ऐसे मामलों में चालान के साथ-साथ ड्राइविंग लाइसेंस अयोग्य घोषित करने अथवा निरस्त करने की कार्रवाई भी होगी।

हाई सिक्योरिटी प्लेट पर विशेष फोकस –
परिवहन विभाग ने सभी वाहन स्वामियों को हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट लगवाने के निर्देश दिए हैं। फर्जी नम्बर प्लेट, अपठनीय नम्बर प्लेट, नम्बर प्लेट को स्टिकर या अन्य सामग्री से ढंकना अथवा नम्बर प्लेट पर अनाधिकृत शब्द, चिन्ह या मोनोग्राम प्रदर्शित करना गंभीर उल्लंघन माना जाएगा। ऐसे मामलों में वाहन का चालान, जब्ती तथा आवश्यकता पड़ने पर पंजीकरण निलंबन की कार्रवाई होगी।

वाहन मालिकों को 3 दिन की मोहलत –
परिवहन विभाग ने राज्य के सभी वाहन स्वामियों से अपील की है कि यदि उनके वाहनों में अवैध मॉडिफिकेशन, नियम विरूद्ध नम्बर प्लेट अथवा अन्य उल्लंघन हो रहा है तो वे परिपत्र जारी होने की तिथि से तीन दिवस के भीतर उन्हें स्वयं ठीक कर लें। निर्धारित अवधि समाप्त होने के बाद प्रदेशभर में विशेष जांच एवं प्रवर्तन अभियान चलाया जाएगा। उल्लंघन पाए जाने पर चालान, वाहन जब्ती तथा अन्य कानूनी कार्रवाई की जाएगी। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा है कि वाहनों में मॉडिफिकेशन कर गैर कानूनी गतिविधियों पर रोक लगाना एवं सड़क सुरक्षा सुनिश्चित करना राज्य सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकता है। ऐसे असामाजिक तत्वों एवं नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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