लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
नई दिल्ली (रितु मेहरा): देश के कई हिस्सों में पिछले कुछ दिनों से मानसून की गतिविधियां कमजोर पड़ने के कारण तापमान में बढ़ोतरी दर्ज की गई है। हालांकि, भारतीय मौसम विभाग (IMD) के ताज़ा पूर्वानुमान के अनुसार 21 जुलाई से दक्षिण-पश्चिम मानसून के दोबारा सक्रिय होने की संभावना है। इसके बाद उत्तर-पश्चिम, मध्य और पूर्वी भारत के कई राज्यों में बारिश की गतिविधियां तेज होने की उम्मीद है।
क्यों कमजोर पड़ा था मानसून?
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, जुलाई के मध्य में मानसून की रफ्तार धीमी होने से कई राज्यों में बारिश में कमी आई। इसके कारण राजस्थान, मध्य प्रदेश, हरियाणा, पंजाब, दिल्ली और उत्तर प्रदेश के कई इलाकों में तापमान सामान्य से अधिक दर्ज किया गया। इस दौरान लोगों को उमस और गर्मी का सामना करना पड़ा।
21 जुलाई से बदलेगा मौसम
आईएमडी का अनुमान है कि 21 जुलाई से मानसून दोबारा सक्रिय होगा और कई राज्यों में हल्की से मध्यम तथा कुछ क्षेत्रों में भारी बारिश हो सकती है। खासकर उत्तर-पश्चिम भारत, पूर्वी भारत और उत्तर-पूर्वी राज्यों में अच्छी वर्षा की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग ने कई क्षेत्रों के लिए भारी बारिश को लेकर अलर्ट भी जारी किया है।
किसानों के लिए राहत
विशेषज्ञों का मानना है कि मानसून की वापसी खरीफ फसलों के लिए बेहद लाभदायक साबित हो सकती है। धान, मक्का, सोयाबीन, कपास और अन्य खरीफ फसलों की बुवाई और बढ़वार के लिए पर्याप्त नमी मिलेगी। जिन क्षेत्रों में बारिश की कमी के कारण खेती प्रभावित हो रही थी, वहां भी स्थिति में सुधार आने की उम्मीद है।
इन राज्यों में अधिक असर
मौसम विभाग के अनुसार राजस्थान, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, हरियाणा और दिल्ली सहित कई राज्यों में 21 जुलाई के बाद वर्षा की गतिविधियां बढ़ सकती हैं। कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश की भी संभावना है।
लोगों के लिए सलाह
मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे स्थानीय मौसम बुलेटिन पर नजर रखें। भारी बारिश वाले क्षेत्रों में जलभराव, बिजली गिरने और तेज हवाओं की संभावना को देखते हुए आवश्यक सावधानी बरतें। यात्रा करने वाले लोगों को भी मौसम की ताजा जानकारी लेकर ही निकलने की सलाह दी गई है।