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सांप-सीढ़ी के खेल में राजनीति के रंग — पूनिया की किताब ‘अग्निपथ नहीं जनपथ’ का विमोचन

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 पूनिया की किताब ‘अग्निपथ नहीं जनपद’ का विमोचन
जयपुर। भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष और हरियाणा प्रभारी डॉ. सतीश पूनिया की किताब ‘अग्निपथ नहीं जनपद’ के विमोचन समारोह में रविवार को राजनीति के रंग कुछ यूं बिखरे कि मंच पर मौजूद नेताओं की हंसी-ठिठोली और बयानबाजी से अंदरूनी मनमुटाव भी झलक उठा।
कार्यक्रम में जैसे-जैसे नेताओं ने बोलना शुरू किया, राजनीति का “सांप-सीढ़ी का खेल” बार-बार चर्चा में आ गया।
राजेंद्र राठौड़ का तंज — “सांप ने हमें डस लिया”
पूर्व नेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़ ने मंच से कहा
 “राजनीति भी सांप-सीढ़ी का खेल है, यहां कब कौन किसे डस ले, पता नहीं चलता।
मुझे और सतीश पूनिया को तो उस समय सांप ने डस लिया जब हम सतासी थे।”
राठौड़ का इशारा 2023 के विधानसभा चुनावों में दोनों नेताओं की हार की ओर था, जबकि दोनों ने संगठन और विपक्ष की भूमिका में खूब मेहनत की थी।
मदन राठौड़ की चुटकी — “शायद आपने ही डस लिया होगा”
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने हंसी-ठिठोली भरे अंदाज में कहा —
“इस सांप-सीढ़ी के खेल में पूनिया जी और राजेंद्र राठौड़ साहब, इस राठौड़ को मत भूलो।
2003 में विधायक बना, 2008 में टिकट कट गया — शायद आपने डस लिया होगा।
2018 में शायद पूनिया जी ने डस लिया होगा।”
उन्होंने कहा कि राजनीति में यह खेल चलता रहता है और चलता रहना भी चाहिए।
हंसते हुए बोले — “इस खेल में नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली अब तक बचे हुए हैं, अच्छा है जब तक बच जाएं।”
टीकाराम जूली का पलटवार — “विधानसभा में होता तो पूछता कि सांप कौन है”
नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने भी मौके का फायदा उठाया और कहा —
 “अगर यह बात विधानसभा में होती तो मैं जरूर पूछता कि आखिर इस खेल में सांप कौन है।”
उन्होंने हंसी में कहा —
“यहां आने के बाद पता लगा कि सतीश पूनिया और राज्यपाल गुलाबचंद कटारिया निष्पक्ष हैं, बाकी सब मेरे साथ हैं।”
कटारिया का व्यंग्य — “हवाई जहाज से उतरने वाले धरातल नहीं जानते”

कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे पंजाब के राज्यपाल गुलाबचंद कटारिया ने कहा —
 “जो नेता हवाई जहाज से आते हैं, उन्हें धरातल का पता नहीं होता।
मुझे तो राज्यपाल बनाकर सोने के पिंजरे में कैद कर दिया गया है, मैं कार्यकर्ता ही अच्छा था।”
सांप-सीढ़ी के खेल में राजनीति के रंग — पूनिया की किताब ‘अग्निपथ नहीं जनपद’ के विमोचन में नेताओं की नोकझोंक
उन्होंने पूनिया की प्रशंसा करते हुए कहा कि उन्होंने अपने एक कार्यकाल में ही जनहित के मुद्दों पर गंभीरता और सजगता से काम किया।
कटारिया बोले —
 “जो लोकतंत्र को समझते हैं, वही जनता का विश्वास जीतते हैं। जनता चाहेगी तो आप आएंगे, नहीं तो किसी कीमत पर नहीं आ सकते।”
अग्निपथ नहीं जनपद’ का विमोचन
इस अवसर पर डॉ. सतीश पूनिया ने अपनी पुस्तक के लेखन की प्रेरणा, अनुभव और राजनीतिक जीवन की सीखों को साझा किया। उन्होंने कहा कि यह पुस्तक उनके राजनीतिक और व्यक्तिगत सफर की झलक है।
समारोह में बड़ी संख्या में विधायक, सांसद, पूर्व मंत्री और भाजपा कार्यकर्ता मौजूद रहे।

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