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रेवदर में एसीबी ने रिश्वत लेते जेटिए को रंगे हाथों गिरफ्तार किया

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लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क

रिपोर्ट तुषार पुरोहित सिरोही

केटल शेड प्रस्ताव पास करने की एवज में मांगी थी प्रति केटल 8 हजार रुपये रिश्वत, 

 

जयपुर स्पेशल टीम ने पंचायत समिति कार्यालय के बाहर दबोचा

सिरोही। जिले के रेवदर पंचायत समिति क्षेत्र में मंगलवार को उस समय हड़कंप मच गया जब राजस्थान एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) की जयपुर स्पेशल टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए पंचायत समिति के जेटिए दिनेश वैष्णव को 80 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। कार्रवाई पंचायत समिति कार्यालय के बाहर ट्रैप लगाकर की गई।

एसीबी सूत्रों के अनुसार उडवारिया ग्राम पंचायत में केटल शेड निर्माण प्रस्ताव को पास करने की एवज में जेटिए दिनेश वैष्णव द्वारा प्रति केटल 10 हजार रुपये की मांग की गई थी। बाद में यह राशि 8 हजार रुपये प्रति केटल तय हुई। परिवादी उडवारिया के प्रशासक जेताराम ने इस संबंध में एसीबी से शिकायत की थी कि प्रस्ताव को स्वीकृति देने के बदले रिश्वत मांगी जा रही है।

11 फरवरी को हुआ था सत्यापन

शिकायत मिलने के बाद एसीबी ने 11 फरवरी को पूरे मामले का सत्यापन किया। शिकायत प्रथम दृष्टया सही पाए जाने पर जयपुर मुख्यालय से विशेष अनुसंधान टीम गठित की गई। टीम ने योजनाबद्ध तरीके से रेवदर पहुंचकर पंचायत समिति कार्यालय के सामने ट्रैप की कार्रवाई को अंजाम दिया।

मंगलवार को जैसे ही आरोपी जेटिए ने 80 हजार रुपये की रिश्वत राशि परिवादी से ली, एसीबी टीम ने उसे मौके पर ही दबोच लिया। पूरी कार्रवाई बेहद गोपनीय तरीके से की गई, जिससे आरोपी को भनक तक नहीं लग सकी।

डीजी के निर्देश में हुई कार्रवाई

यह कार्रवाई एसीबी के डीजी गोविन्द गुप्ता के निर्देश पर की गई। ट्रैप की कमान एसीबी इंस्पेक्टर रघुवीर सिंह के नेतृत्व में संभाली गई। कार्रवाई के दौरान टीम ने आवश्यक कानूनी प्रक्रियाएं पूरी करते हुए आरोपी को हिरासत में लिया।

एसीबी की टीम फिलहाल आरोपी से पूछताछ कर रही है। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि इस मामले में कोई अन्य कर्मचारी या अधिकारी तो संलिप्त नहीं है।

पंचायत समिति क्षेत्र में मचा हड़कंप

इस कार्रवाई की खबर फैलते ही पंचायत समिति क्षेत्र में हड़कंप मच गया। आमजन और जनप्रतिनिधियों के बीच चर्चा का विषय बन गया कि विकास कार्यों की स्वीकृति के नाम पर किस प्रकार अवैध वसूली की जा रही थी।

गौरतलब है कि राज्य में भ्रष्टाचार के मामलों पर अंकुश लगाने के लिए एसीबी लगातार सख्त रुख अपना रही है। रेवदर की यह कार्रवाई स्पष्ट संकेत है कि रिश्वतखोरी के मामलों में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

एसीबी द्वारा की गई इस कार्रवाई से पंचायत समिति क्षेत्र में संदेश गया है कि सरकारी योजनाओं में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए एजेंसी पूरी तरह सक्रिय है। मामले में आगे और खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।

 

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