लोक टुडे न्यूज नेटवर्क
जयपुर
(रूपनारायण सांवरिया)
राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) द्वारा हाल ही में देश के आपराधिक आंकड़े जारी किए गए। ये आंकड़े वर्ष 2021 से 2023 तक के हैं। वहीं, राजस्थान पुलिस की प्रभावी कार्यवाही और पारदर्शी नीतियों के चलते वर्ष 2024 और 2025 में अपराधों में लगातार कमी दर्ज की गई है।
अपराध नियंत्रण में राजस्थान पुलिस की पारदर्शी नीति
राजस्थान पुलिस की निष्पक्ष और फ्री-रजिस्ट्रेशन नीति के कारण अपराध नियंत्रण व शिकायत निस्तारण की प्रतिबद्धता का असर स्पष्ट दिखाई दे रहा है।
अपराधों में उल्लेखनीय कमी
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महिला अपराध : वर्ष 2023 में 45,450 मामलों के मुकाबले 2024 में 36,563 मुकदमे दर्ज हुए।
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अनुसूचित जनजाति (ST) के विरुद्ध अपराध : 8,449 से घटकर 7,008 मुकदमे।
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अनुसूचित जाति (SC) के विरुद्ध अपराध : 2,453 से घटकर 2,282 मुकदमे।
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आर्थिक अपराध : 27,675 की तुलना में 27,637 मुकदमे दर्ज।
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IPC/BNS अपराध : 2,34,985 से घटकर 2,13,352 मुकदमे।
इन आंकड़ों के अनुसार, बीते दो वर्षों में राजस्थान में अपराधों में 19.45% की गिरावट दर्ज की गई है।
महिला अपराधों में लगातार गिरावट
राज्य में महिला अत्याचार प्रकरणों में भी 9.24% की कमी आई है। वर्ष 2023 से लगातार यह सकारात्मक रुझान देखा जा रहा है।
ADG क्राइम दिनेश एमएन का बयान
राजस्थान के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (क्राइम) दिनेश एमएन ने कहा –
“राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो द्वारा जारी आंकड़े वर्ष 2021 से 2023 तक के हैं। वहीं, राजस्थान पुलिस की प्रभावी कार्यवाही के चलते 2024-25 में अपराधों में लगातार गिरावट दर्ज की गई है। महिला अत्याचार, अजा-अजजा से जुड़े अपराध, आर्थिक अपराध और फायरिंग की घटनाओं में भी कमी आई है। अपराधों में आ रही यह गिरावट अपराध नियंत्रण के प्रति टीम राजस्थान पुलिस की प्रतिबद्धता का प्रतीक है।”
