लोक टुडे न्यूज नेटवर्क
दयाल सिंह सांखला की रिपोर्ट
जोधपुर । जैसलमेर जोधपुर नेशनल हाईवे पर एक निजी बस हादसे में घायल मरीजों की कुशलशेम जानने जोधपुर के महात्मा गांधी अस्पताल में जोधपुर के प्रभारी मंत्री और शिक्षा मंत्री मदन दिलावर और उद्योग राज्य मंत्री के के बिश्नोई पहुंचे। उन्होंने यहां पर भर्ती मरीजों से मुलाकात कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि सरकार इस पूरे मामले को लेकर सरकार संवेदनशील है और पुरे देश में शोक की लहर है। हमारा प्रयास है कि आगे इस तरह के हादसे ना हो केंद्र सरकार ने 2 लाख का मुआवजा देने की बात कही है वहीं राज्य सरकार इस पूरे मामले में संवेदनशील है हमारी प्राथमिकता है कि हम पहले जो इस हादसे में घायल मरीज को बेहतर उपचार उपलब्ध करवा सके और उनकी जान बचा सके।
दुर्घटनाओं में मुआवजे को लेकर होनी चाहिए एकरुपता, जो नहीं है ?
राजस्थान में सरकार चाहे कांग्रेस की रही हो या फिर भाजपा की हादसों में मिलने वाला मुआवजा आदमी की औकात देखकर तय होता या फिर जात और धर्म देखकर । हाल ही में जयपुर में सवाई मानसिंह अस्पताल में सरकार की लापरवाही से मरे आठ लोगों को मुआवजा देने की घोषणा करने में सरकार ने तीन दिन लगा दिए। यहां सरकार ने तीन दिन बाद 10 – 10 लाख रुपये प्रति मृतक के परिजनों को मुआवजा दिया। इससे पूर्व झालावाड़ के पीपलदा में सरकारी स्कूल की बिल्डिंग गिरने से 7 बच्चों की मौत के मामले में भी सरकार को मुआवजे का निर्णय करने में कई दिन लग गए। जब विपक्ष मुद्दा बनाने लगा तब 10-10 लाख रुपये का ऐलान किया गया। जोधपुर में भी 20 लोगों की मौत हो गई। केंद्र सरकार ने प्रति मृतक 2 – 2 लाख रुपये के मुआवजे की घोषणा कर दी लेकिन मुख्यमंत्री दो दिन बाद भी मुआवजे की घोषणा नहीं कर सके। जबकि होना यही चाहिए की घटना स्थल पर जाने के साथ ही मुआवजे की घोषणा करनी चाहिए, जिससे मृतक के परिजनों को लगे की कम से कम सरकार उनके साथ खड़ी है। लेकिन सरकार के अधिकारी न जाने कौन से गुणा- भाग में फंस जाते है। अधिकारियों की नादानी के चलते सरकारी की थू- थू होती है उसके बाद मुआवजे की घोषणा होती है। जबकि मुआवजा किस मामले में कितना मिलना चाहिए इसका नियम पूरे प्रदेश में एक समान होना चाहिए। जिससे लोगों को लगे की सरकार एकराय और सबके साथ न्याय कर रही है। लेकिन यहां मुआवजे की घोषणा लोगों की शक्ल और उनकी जात- धर्म देखकर किया जाता है जो सरासर गलत है।
वही उद्योग राज्य मंत्री के के बिश्नोई ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री ने आज सुबह भी डॉक्टर के साथ में वर्चुअल माध्यम से बैठक लेकर घायल मरीजों के बारे में फीडबैक लिया और जरूरी दिशा निर्देश दिए हैं। 50% से अधिक झूलसने वाले मरीज को जानकर खतरा जाता है ऐसे में उनको विशेष उपचार की आवश्यकता और उसमें जो भी खर्च हो वहन सरकार द्वारा किए जाने का निर्णय किया है। केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री ने कितना की जानकारी मिलते ही इसको लेकर संवेदना प्रकट की है और इसको लेकर लगातार प्रधानमंत्री स्तर पर मॉनिटरिंग की जा रही है। केंद्र सरकार द्वारा मृत्यु के परिवार को ₹200000 और घायलों के परिवार को ₹50000 के सहायता की घोषणा की है जल्दी राज्य सरकार भी इसको लेकर पैकेज की घोषणा करेगी
