लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
गौतम शर्मा, राजसमंद
राजसमंद। जिले के पीपली आचार्यान गांव स्थित खेमसागर के सतीमाता परिसर में मंगलवार सुबह 9 बजे महर्षि दधीचि के देहदान दिवस पर श्रद्धा और आस्था के साथ विविध धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए गए। आयोजन आचार्य दाधीच समाज के सान्निध्य में सम्पन्न हुआ।
कार्यक्रम की शुरुआत वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ हुई। पंडित सुरेश जोशी एवं पंडित महेश आचार्य ने मंत्रोच्चार के बीच महर्षि दधीचि की प्रतिमा का दुग्धाभिषेक एवं विशेष पूजा-अर्चना कराई। इसके पश्चात श्रद्धालुओं ने सामूहिक महाआरती में भाग लिया। कार्यक्रम के अंत में प्रसाद वितरण किया गया।
वक्ताओं ने अपने संबोधन में महर्षि दधीचि के त्याग और बलिदान की गौरवगाथा का स्मरण कराया। उन्होंने बताया कि जब देवता दैत्यों से पराजित हो रहे थे, तब फाल्गुन मास की पूर्णिमा को वे महर्षि दधीचि के पास पहुंचे और उनकी अस्थियों का दान मांगा। लोककल्याण की भावना से महर्षि ने अपनी अस्थियां दान कर दीं। उन्हीं अस्थियों से वज्र का निर्माण हुआ, जिसके माध्यम से दैत्यों का संहार कर देवताओं ने विजय प्राप्त की।
वक्ताओं ने कहा कि महर्षि दधीचि का अद्वितीय त्याग आज भी समाज को परोपकार, समर्पण और बलिदान की प्रेरणा देता है।
इस अवसर पर महर्षि दाधीच जन कल्याण संस्थान के संभागीय अध्यक्ष डॉ. रामस्वरूप आचार्य, मदनलाल आचार्य, मुरलीमनोहर आचार्य, कैलाश आचार्य, दुर्गाशंकर आचार्य, डॉ. महेश आचार्य, लादूलाल आचार्य, परसराम आचार्य, चन्द्रशेखर आचार्य, गिरजाशंकर आचार्य, अनुज आचार्य सहित समाज के अनेक गणमान्य सदस्य एवं श्रद्धालु उपस्थित रहे।
