लोक टुडे न्युज़ नेटवर्क
बाल कल्याण समिति अध्यक्ष स्वयं पहुंचे माणकियावास गांव, परिजनों से ली जानकारी
पादूकलां (नागौर)।
बाल कल्याण समिति न्यायपीठ नागौर के अध्यक्ष डॉ. मनोज सोनी ने मानवीय संवेदनशीलता का परिचय देते हुए रियाबड़ी उपखंड क्षेत्र के माणकियावास गांव में एक मानसिक रूप से पीड़ित 15 वर्षीय बालक के मामले में स्वयं हस्तक्षेप किया।
जानकारी मिलने पर कि बालक की हिंसक प्रवृत्ति के कारण परिजन उसे रस्सी से बांधकर रखते हैं, डॉ. सोनी तुरंत गांव पहुंचे। उन्होंने बालक की स्थिति का जायजा लिया और परिजनों से मुलाकात कर विस्तार से जानकारी ली।
डॉ. सोनी ने मौके पर ही बालक को रस्सी से खुलवाया और परिवार को भरोसा दिलाया कि बालक के इलाज और देखरेख की उच्च स्तरीय व्यवस्था की जाएगी।
“बालक के हित में हर संभव कदम उठाया जाएगा”
बाल कल्याण समिति अध्यक्ष डॉ. मनोज सोनी ने कहा,
“बालक के हित में हर संभव कदम उठाया जाएगा। यदि आवश्यकता हुई तो समिति द्वारा विधिक आदेश जारी कर उसे किसी विशेष गृह या देखरेख केंद्र में भेजा जाएगा, ताकि उसका समुचित इलाज हो सके।”
बुखार के बाद बिगड़ी मानसिक स्थिति
परिजनों ने बताया कि बालक जन्म के समय पूरी तरह स्वस्थ था, लेकिन कुछ वर्ष पूर्व तेज बुखार आने के बाद उसकी मानसिक स्थिति धीरे-धीरे बिगड़ती चली गई। अब वह कभी-कभी हिंसक और झगड़ालू व्यवहार करने लगता है। परिवार ने कई स्थानों पर इलाज करवाया, लेकिन सुधार नहीं हुआ।
डॉ. सोनी ने परिजनों को आश्वस्त किया कि प्रशासन और समिति मिलकर बालक के लिए उचित चिकित्सकीय उपचार एवं देखरेख सुनिश्चित करेंगे, ताकि उसे सामान्य जीवन की ओर वापस लाया जा सके।
