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लघु उद्योग भारती एवं जिला उद्योग द्वारा इन्वेस्टर अवेयरनेस वर्कशॉप सम्पन्न

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लोक टुडे न्यूज नेटवर्क

लघु उद्योग भारती के अध्यक्ष शंभू प्रसाद काबरा ने उद्योग लगाने में आने वाली व्यवहारिक विषयों पर की चर्चा

भीलवाड़ा। (पंकज पोरवाल) लघु उद्योग भारती एवं जिला उद्योग एवं वाणिज्य केंद्र के संयुक्त तत्वावधान में शनिवार को इन्वेस्टर अवेयरनेस वर्कशॉप संपन्न हुआ। कार्यक्रम के प्रभारी रवि कालरा ने बताया कि जिला उद्योग एवं वाणिज्य केंद्र से राहुल देव सिंह ने राजस्थान निवेश प्रोत्साहन योजना 2024 आरआईपीएस के प्रावधान जैसे स्टांप ड्यूटी, लैंड कन्वर्जन ड्यूटी, विद्युत कर में 100 प्रतिशत छूट, ब्याज एवं कैपिटल सब्सिडी के संबंध में विस्तार से बताया। एमएसएमई पॉलिसी 2024 में अतिरिक्त इंटरेस्ट सब्सिडी, टेक्नोलॉजी अधिग्रहण पर सहायता, मानक प्रमाणन सब्सिडी, मेला प्रदर्शनी में मार्केटिंग में सहायता, कौशल प्रशिक्षण सहायता, डिजिटल एवं ई-कॉमर्स सहायता के प्रावधान पर चर्चा की। इसके अतिरिक्त 1 जिला एक उत्पाद पॉलिसी 2024, राजस्थान एक्सपोर्ट प्रमोशन स्कीम 2024 के प्रावधानों का विवरण भी दिया। कार्यक्रम में जिला उद्योग एवं वाणिज्य केंद्र के के मीणा, एमएलबी टेक्सटाइल कॉलेज के डॉक्टर अरविंद वशिष्ठ ने भी अपने विचार रखें। लघु उद्योग भारती के अध्यक्ष शंभू प्रसाद काबरा ने उद्योग लगाने में आने वाली व्यवहारिक विषयों पर चर्चा की। कार्यक्रम में लघु उद्योग भारती के प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य संजीव चिरानिया, प्रांत उपाध्यक्ष रविन्द्र जाजू, महेश हुरकट, संयुक्त सचिव अजय मूंदड़ा, सचिव कमलेश मुनोत, कोषाध्यक्ष अजय अग्रवाल, उपाध्यक्ष हरि अग्रवाल, हरगोविंद सोनी, सत्यनारायण झवर, सीए शिवप्रकाश झवर, सीए नवीन कांकानी, केके जिंदल, रामकिशोर काबरा, पुनीत सोनी, अंकित राठी, सत्यप्रकाश गग्गड़, बालकिशन काबरा, ग्रोथ सेंटर इकाई से रामप्रकाश काबरा, गिरीश अग्रवाल, महिला इकाई से पल्लवी लढा, विमला मुनोत, चंदा मूंदड़ा, शशि काबरा आदि उपस्थित थे। सेमिनार में वरिष्ठ उद्योगपतियो के अलावा एमएलबी टेक्सटाइल कॉलेज, गवर्नमेंट पॉलिटेक्निक कॉलेज और संगम यूनिवर्सिटी के विद्यार्थी भी उपस्थित थे। नए उद्यमी को सहयोग का विश्वास दिलाते हुए डीआईसी के राहुल देव सिंह ने कहा एक छोटे गूगल फॉर्म के द्वारा अपना प्रोजेक्ट हमे सबमिट कर सकते हैं जिसे डिस्कशन के बाद संबंधित विभाग को सहयोग हेतु डीआईसी द्वारा भेज दिया जाएगा। स्थापित उद्योगों को भी रीप्स 2024 के प्रावधान का लाभ मिल सकता है। इस हेतु हमारा विभाग सदैव सहयोग हेतु तैयार है। कार्यक्रम के पश्चात ओपन डिस्कशन का सत्र हुआ जिसमें उद्योगों की समस्याओं और विद्यार्थियों की जिज्ञासाओं के समाधान पर चर्चा हुई।

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