लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
जयपुर/जोधपुर।
राज्य में जनस्वास्थ्य को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के तहत “सेक्टर कनेक्ट: एन्हांसिंग प्रिपेयर्डनेस फॉर इंटीग्रेटेड रिस्पॉन्स (फील्ड एपिडेमियोलॉजी प्रोग्राम इन वन हेल्थ)” कार्यशाला सफलतापूर्वक आयोजित की गई। इस कार्यशाला में जोधपुर द्वितीय के उप मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ प्रीतम सिंह ने सक्रिय भागीदारी निभाई।
यह कार्यशाला नेशनल सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल, दिल्ली तथा पशुपालन एवं डेयरी विभाग द्वारा संयुक्त रूप से दिसंबर 2025 से अप्रैल 2026 के बीच आयोजित की गई।
वन हेल्थ अप्रोच पर जोर
कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य ह्यूमन हेल्थ, फूड सेफ्टी और एनिमल हसबैंडरी विभागों के बीच समन्वय स्थापित कर उन बीमारियों की रोकथाम और नियंत्रण करना था, जो तीनों क्षेत्रों को प्रभावित करती हैं।
इस दौरान विभिन्न विभागों ने मिलकर जोधपुर क्षेत्र में फील्ड स्तर पर कार्य करने का व्यावहारिक अभ्यास भी किया।
ब्रुसेलोसिस पर विशेष प्रस्तुति
डॉ प्रीतम सिंह ने कार्यशाला में ब्रुसेलोसिस पर विस्तृत प्रस्तुति दी। उन्होंने लूनावास जेतान गांव में सामने आए मामलों का उल्लेख करते हुए बताया कि किस प्रकार विभिन्न विभागों के समन्वय से सर्वे, सैंपलिंग, आईईसी गतिविधियां और उपचार कार्य प्रभावी ढंग से किए गए।
बेहतर समन्वय की दिशा में कदम
कार्यशाला के माध्यम से विभिन्न विभागों के बीच बेहतर तालमेल स्थापित करने और जनस्वास्थ्य सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति हुई है।
विशेषज्ञों का मानना है कि “वन हेल्थ” जैसी समन्वित पहल भविष्य में संक्रामक और पशुजन्य बीमारियों से निपटने में कारगर साबित होगी।