लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
धौलपुर, जून 2019। चंबल के कुख्यात डकैत जगन गुर्जर का वह खौफनाक चेहरा आज भी लोगों के जेहन में ताजा है, जब उसने धौलपुर जिले के करन सिंह का पुरा (सईपुर) गांव में अमानवीयता की सारी हदें पार कर दी थीं। बंदूक की नोक पर महिलाओं को घरों से घसीटकर बाहर निकाला गया, उनके साथ मारपीट की गई, उन्हें निर्वस्त्र कर गांव में घुमाया गया और पूरे इलाके में दहशत फैलाने की कोशिश की गई।
इस जघन्य वारदात के पीछे मुख्य वजह पुलिस की मुखबिरी का शक बताया गया था। जगन गुर्जर को संदेह था कि गांव निवासी बिदाराम पुलिस को उसकी गतिविधियों की जानकारी देता है। जब वह बिदाराम को नहीं ढूंढ पाया तो उसने उसके परिवार की महिलाओं को निशाना बनाया।
बताया गया कि 12 जून 2019 को बाड़ी बाजार में दुकानदारों के साथ मारपीट और हवाई फायरिंग की घटना के बाद फरारी के दौरान जगन गुर्जर अपने गैंग के साथ गांव पहुंचा था। बिदाराम के नहीं मिलने पर गैंग ने महिलाओं और बच्चों के साथ बर्बरता की। उद्देश्य केवल बदला लेना नहीं था, बल्कि पूरे क्षेत्र में ऐसा भय पैदा करना था कि भविष्य में कोई भी व्यक्ति पुलिस की मदद करने का साहस न करे।
इस शर्मनाक घटना की तस्वीरें और वीडियो सामने आने के बाद पूरे देश में भारी आक्रोश फैल गया। राजस्थान पुलिस पर तत्काल कार्रवाई का दबाव बढ़ा और बड़े स्तर पर सर्च ऑपरेशन चलाकर आखिरकार जगन गुर्जर को गिरफ्तार किया गया।
जब सांसद हनुमान बेनीवाल ने उठाई थी एनकाउंटर क की मांग
इसी घटना के बाद जगन गुर्जर के खिलाफ राजनीतिक स्तर पर भी तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आईं। उस समय सांसद हनुमान बेनीवाल ने जगन गुर्जर के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग करते हुए उसके एनकाउंटर की मांग भी उठाई थी। इस बयान ने प्रदेश की राजनीति में भी व्यापक चर्चा पैदा की।
जून 2019 की यह घटना जगन गुर्जर के आपराधिक इतिहास का सबसे काला अध्याय मानी जाती है, जिसने पूरे समाज को झकझोर दिया और महिलाओं के खिलाफ हिंसा तथा कानून-व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए।
