लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
मुंबई से पैदल निकले जगदीश कुमावत और काली कुमावत ने काबरी महादेव तक तय किया सफर, रास्ते में जगह-जगह ग्रामीणों ने किया स्वागत
राजसमंद। (गौतम शर्मा)
मन में आस्था, संकल्प और हौसला हो तो कोई भी दूरी मुश्किल नहीं होती। इसी विश्वास को चरितार्थ करते हुए देवली गांव के दंपती जगदीश कुमावत और उनकी पत्नी काली कुमावत ने मुंबई से पैदल धार्मिक यात्रा शुरू की और महज 26 दिनों में करीब 1000 किलोमीटर की दूरी तय कर काबरी महादेव पहुंच गए।
दंपती की इस लंबी पैदल यात्रा को लेकर क्षेत्र में चर्चा बनी हुई है। लगातार 26 दिनों तक पैदल चलकर उन्होंने न केवल अपने संकल्प को पूरा किया, बल्कि रास्ते में मिलने वाले लोगों के बीच भी आस्था और श्रद्धा का संदेश दिया।
अमन-चैन और सुख-समृद्धि की कामना लेकर शुरू की यात्रा
दंपती ने बताया कि उन्होंने अपने परिवार और जिले में अमन-चैन, सुख-समृद्धि एवं खुशहाली की कामना को लेकर मुंबई से पैदल यात्रा शुरू की थी।
करीब 26 दिन पहले शुरू हुई यात्रा के दौरान दोनों लगातार पैदल चलते रहे और लगभग एक हजार किलोमीटर का सफर तय करने के बाद काबरी महादेव पहुंचे।
लंबी यात्रा के बावजूद उनके उत्साह में कमी नहीं आई। काबरी महादेव पहुंचने पर स्थानीय ग्रामीणों और श्रद्धालुओं ने दंपती का श्रद्धा और उत्साह के साथ स्वागत किया।
गांव-गांव में हुआ स्वागत
यात्रा के दौरान दंपती जिन-जिन गांवों से होकर गुजरे, वहां लोगों ने उनकी आस्था और संकल्प को देखते हुए उनका स्वागत किया। ग्रामीणों और श्रद्धालुओं ने उन्हें भोजन-पानी उपलब्ध कराया और उनकी यात्रा के बारे में जानकारी ली।
दंपती की पैदल यात्रा की खबर देवली गांव और आसपास के क्षेत्र में पहुंची तो बड़ी संख्या में लोग उनसे मिलने पहुंचे। ग्रामीणों ने उनका स्वागत किया और आशीर्वाद लिया।
अब गोराजी बावजी के दर्शन की तैयारी
काबरी महादेव पहुंचने के बाद दंपती की धार्मिक यात्रा अभी पूरी नहीं हुई है। यात्रा के अगले पड़ाव के रूप में वे कल गोराजी बावजी के दर्शन करेंगे।
दंपती की इस यात्रा को लेकर देवली गांव के ग्रामीणों में भी उत्साह है। लोगों का कहना है कि इतनी लंबी दूरी पैदल तय करना अपने आप में बड़ी बात है और दंपती का संकल्प दूसरों के लिए भी प्रेरणा देने वाला है।
आस्था और संकल्प बना चर्चा का विषय
मुंबई से राजसमंद क्षेत्र तक करीब एक हजार किलोमीटर का सफर पैदल तय करने वाले जगदीश कुमावत और काली कुमावत की यात्रा क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है।
दंपती ने अपनी यात्रा को केवल धार्मिक यात्रा न बताते हुए परिवार, समाज और जिले में शांति, सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना से जोड़ा है।
26 दिनों तक लगातार पैदल चलकर काबरी महादेव पहुंचने के बाद अब उनकी नजर अगले पड़ाव गोराजी बावजी के दर्शन पर है। दंपती की आस्था, हौसले और संकल्प को लेकर ग्रामीणों में खासा उत्साह देखने को मिल रहा है।
