लोक टुडे न्युज़ नेटवर्क
— बिना सत्यापन के 559 सिम जारी, फर्जी सिमों से हुआ ₹2.85 करोड़ का फ्रॉड
मनजीत सिंह, ब्यूरो चीफ — श्रीगंगानगर
श्रीगंगानगर : जिले के घड़साना क्षेत्र से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां एक टेलीकॉम एजेंट ने बिना सत्यापन के 559 सिम कार्ड जारी कर दिए। इन सिमों का इस्तेमाल संदिग्ध व्यक्तियों ने करोड़ों रुपये की ठगी में किया।
नई मंडी घड़साना पुलिस ने इस संबंध में एजेंट के खिलाफ आईटी एक्ट और अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। मामले की जांच एसएचओ महावीर प्रसाद के नेतृत्व में जारी है।
बिना सत्यापन के जारी की गईं 559 सिमें
पुलिस के अनुसार, एसआई यशपाल सिंह की रिपोर्ट के आधार पर यह कार्रवाई की गई है। रिपोर्ट में बताया गया कि घड़साना स्थित रामदेव टेलीकॉम एजेंसी से एजेंट ने उचित दस्तावेज़ों और पहचान सत्यापन के बिना 559 मोबाइल सिम कार्ड जारी किए।
इनमें से कई सिम संदिग्ध व्यक्तियों को जारी की गईं, जिनका उपयोग वित्तीय धोखाधड़ी में किया गया।
₹2.85 करोड़ की ठगी उजागर
पुलिस जांच में सामने आया कि जारी की गई 9 सिमों का उपयोग 10 अलग-अलग धोखाधड़ी मामलों में किया गया, जिनमें कुल मिलाकर लगभग ₹2 करोड़ 85 लाख का फ्रॉड हुआ है।
अभी तक यह स्पष्ट नहीं है कि इन सिमों के माध्यम से यह राशि किन खातों में पहुंची और किस नेटवर्क के जरिए ठगी की गई।
जांच में जुटी पुलिस
एसएचओ महावीर प्रसाद ने बताया कि अभी तक इस मामले में किसी व्यक्ति को नामजद नहीं किया गया है।
“सभी तथ्यों को बारीकी से जांचा जा रहा है। जिन लोगों के नाम पर सिम जारी की गई है, उनकी भी जांच जारी है। साथ ही ₹2.85 करोड़ के फ्रॉड का लोकेशन और नेटवर्क ट्रेल ट्रैक किया जा रहा है,”
उन्होंने कहा।
उन्होंने आश्वासन दिया कि पुलिस जल्द ही फ्रॉड रैकेट का खुलासा करेगी और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासन के लिए बड़ा संकेत
यह मामला न सिर्फ टेलीकॉम वेरिफिकेशन सिस्टम की खामियों को उजागर करता है, बल्कि साइबर फ्रॉड के बढ़ते खतरों की ओर भी इशारा करता है।
पुलिस का कहना है कि इस तरह के मामलों में टेलीकॉम एजेंटों की भूमिका पर कड़ी निगरानी रखी जाएगी, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों।
