लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
भरतपुर। भारतीय जनता पार्टी के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद डॉ. सतीश पूनिया ने भरतपुर दौरे के दौरान कांग्रेस और पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत पर तीखा हमला बोला। भाजपा कार्यालय में मीडिया से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा कि गहलोत के हालिया बयान ने देश को इंदिरा गांधी के दौर और आपातकाल की याद दिला दी है।
डॉ. पूनिया ने कहा कि अशोक गहलोत ने बयान देकर भाजपा और देश दोनों पर “उपकार” किया है। उन्होंने कहा कि यदि इंदिरा गांधी आज होतीं तो देश में आपातकाल जैसी परिस्थितियां देखने को मिल सकती थीं, जहां अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर अंकुश, सेंसरशिप और लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन होता।
कांग्रेस का इतिहास याद दिलाया
उन्होंने कहा कि कांग्रेस आज लोकतंत्र और संविधान की बात करती है, लेकिन 25 जून 1975 को देश में आपातकाल लगाने का इतिहास भी उसी पार्टी का है। उस दौरान हजारों लोगों को जेल भेजा गया और लोकतांत्रिक संस्थाओं पर दबाव बनाया गया।
पूनिया ने कहा कि आपातकाल के समय कई लोगों ने 19-19 महीने तक जेलों में कठिन यातनाएं झेली थीं। नई पीढ़ी को उस दौर की वास्तविकता से अवगत कराने की जरूरत है।
अनुच्छेद 356 के दुरुपयोग का आरोप
राज्यसभा सांसद ने कांग्रेस पर संविधान के अनुच्छेद 356 के दुरुपयोग का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकारों ने 100 से अधिक बार इस प्रावधान का इस्तेमाल कर चुनी हुई राज्य सरकारों को बर्खास्त किया।
जनता इतिहास नहीं भूली
डॉ. पूनिया ने कहा कि गहलोत के बयान से कांग्रेस के शासनकाल की उन घटनाओं की याद ताजा हो गई है, जिन्होंने लोकतांत्रिक मूल्यों को कमजोर किया था। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को लोकतंत्र पर उपदेश देने से पहले अपने अतीत पर भी नजर डालनी चाहिए।
