लोक टुडे न्युज़ नेटवर्क
डीग जिले में भी ऐसे 6 फर्जी दिव्यांग बनकर नौकरी कर रहे है। SOG ने शिकायतों के आधार पर दिव्यांगता के फर्जी सर्टिफिकेट से नौकरी पाने वाले अधिकारियों-कर्मचारियों की जांच की। प्रारंभिक जांच में 42 संदिग्ध मामलों की पहचान की गई। पहले चरण में जयपुर के SMS मेडिकल कॉलेज के विशेष मेडिकल बोर्ड से 29 कर्मचारियों-अधिकारियों की जांच करवाई गई। यह फर्जी दिव्यांगता सर्टिफिकेट के आधार पर नौकरी कर रहे थे।
इनमें श्रव्य बाधित श्रेणी के सभी 13 कर्मचारियों के सर्टिफिकेट फर्जी पाए गए। दृष्टिबाधित श्रेणी के 8 में से 6 और लोकोमोटर दिव्यांग श्रेणी के 8 में से 5 कर्मचारियों के फर्जी सर्टिफिकेट निकले। सिर्फ 5 कर्मचारी ही वास्तव में दिव्यांग पाए गए। एसओजी ने कर्मचारियों-अधिकारियों की सूचना उनके संबंधित विभागों को भेज दी है। इनके खिलाफ FIR दर्ज की जाएगी। वहीं, शेष संदिग्ध मामलों की भी जांच की जा रही है।
