लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
राहुल गांधी की हार का ठीकरा चुनाव आयोग पर फोड़ रही कांग्रेस
जयपुर में केंद्रीय मंत्री का कांग्रेस पर तीखा हमला, बोले- चुनाव नहीं जीत पा रहे तो आत्ममंथन करें, चुनाव आयोग की विश्वसनीयता पर सवाल उठाकर जनता को गुमराह न करें
जयपुर। केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रहलाद जोशी ने शुक्रवार को जयपुर में आयोजित प्रेस वार्ता में कांग्रेस और राहुल गांधी पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी चुनाव में लगातार मिल रही हार को स्वीकार करने के बजाय चुनाव आयोग और संवैधानिक संस्थाओं की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े कर रही है। राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस चुनाव जीतने में नाकाम हो रही है, इसलिए हार का ठीकरा चुनाव आयोग पर फोड़ने की कोशिश की जा रही है।
जोशी ने कहा कि भारत में लोकतंत्र कोई नई व्यवस्था नहीं है। लोकतंत्र भारतीय समाज के संस्कार और जनता के डीएनए में रचा-बसा है। देश में सरकार बदलने का एकमात्र संवैधानिक और लोकतांत्रिक रास्ता चुनाव है। भारत में अराजकता फैलाकर या संस्थाओं को बदनाम करके सत्ता परिवर्तन नहीं किया जा सकता। उन्होंने कांग्रेस के राजनीतिक रवैये पर सवाल उठाते हुए कहा कि भारत को बांग्लादेश जैसी परिस्थितियों में बदलने की सोच लोकतांत्रिक व्यवस्था के अनुकूल नहीं है।
सरदार पटेल को किया नमन, राजस्थान से बताया ऐतिहासिक रिश्ता
प्रेस वार्ता की शुरुआत में केंद्रीय मंत्री ने सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि सरदार पटेल ने एक भारत का संकल्प लेकर देश की रियासतों को एक सूत्र में पिरोने का ऐतिहासिक कार्य किया। आज देश उनके सपने के अनुरूप एक भारत, श्रेष्ठ भारत की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
उन्होंने कहा कि सरदार पटेल का राजस्थान से भी गहरा संबंध रहा है। वर्ष 1949 में राजस्थान के एकीकरण के ऐतिहासिक दौर में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही। जयपुर की धरती पर उनकी जयंती के अवसर पर उपस्थित होना उनके लिए सौभाग्य की बात है।
चुनाव आयोग पर सवाल उठाने से पहले कांग्रेस अपना इतिहास देखे
जोशी ने कांग्रेस के चुनाव आयोग पर लगाए जा रहे आरोपों को राजनीतिक हताशा का परिणाम बताया। उन्होंने कहा कि चुनाव प्रक्रिया में समय के साथ तकनीक का इस्तेमाल बढ़ा है और मतदाता सूची को अधिक पारदर्शी एवं व्यवस्थित बनाने के लिए बदलाव किए गए हैं। कांग्रेस को यदि किसी प्रक्रिया पर आपत्ति है तो उसे तथ्यों और संवैधानिक तरीके से अपनी बात रखनी चाहिए, न कि पूरे चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवाल उठाने चाहिए।
उन्होंने कर्नाटक सहित विभिन्न राज्यों की मतदाता सूची और चुनाव प्रक्रिया का उल्लेख करते हुए कहा कि मतदाता सूची में नाम जोड़ने और संशोधन की निर्धारित प्रक्रिया होती है। कांग्रेस के शासनकाल में भी चुनावी व्यवस्थाओं में बदलाव होते रहे हैं। ऐसे में आज केवल राजनीतिक लाभ के लिए चुनाव आयोग को कटघरे में खड़ा करना उचित नहीं है।
कांग्रेस के शासनकाल में चुनाव आयोग की नियुक्तियों पर भी उठाए सवाल
केंद्रीय मंत्री ने कांग्रेस के पुराने कार्यकाल का हवाला देते हुए चुनाव आयोग की नियुक्तियों को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने नवीन चावला और तत्कालीन मुख्य चुनाव आयुक्त एन. गोपालस्वामी के बीच हुए विवाद का जिक्र किया। जोशी ने कहा कि कांग्रेस को पहले अपने शासनकाल में संवैधानिक संस्थाओं के कामकाज और नियुक्तियों के इतिहास पर भी नजर डालनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग जैसे संवैधानिक संस्थानों की स्वतंत्रता और निष्पक्षता लोकतंत्र की मजबूती के लिए आवश्यक है। केंद्र सरकार की ओर से संस्थाओं पर दबाव डालने का कोई सवाल नहीं है। चुनाव आयोग को स्वतंत्र रूप से काम करने का अवसर मिलना चाहिए।

मजबूत अर्थव्यवस्था पर भी कांग्रेस को घेरा
देश की आर्थिक प्रगति का जिक्र करते हुए जोशी ने कहा कि भारत की अर्थव्यवस्था लगातार मजबूत हो रही है। उन्होंने पहली तिमाही में 7.8 प्रतिशत आर्थिक विकास दर का उल्लेख करते हुए कहा कि आने वाले वर्षों में भी भारत की विकास दर मजबूत रहने की उम्मीद है।
उन्होंने कहा कि देश की आर्थिक उपलब्धियों का श्रेय केवल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को देना पर्याप्त नहीं होगा, बल्कि यह 140 करोड़ देशवासियों के परिश्रम, उद्यमशीलता और सामूहिक प्रयासों का परिणाम है। वर्ष 2014 में देश में स्टार्टअप की संख्या बेहद कम थी, जबकि आज भारत दुनिया के प्रमुख स्टार्टअप इकोसिस्टम में शामिल है।
चुनाव हारने पर संस्थाओं को बदनाम करना कांग्रेस की राजनीति
जोशी ने कहा कि लोकतंत्र में जनता सर्वोपरि है। राजनीतिक दलों को जनता के बीच जाकर अपने काम और नीतियों के आधार पर समर्थन मांगना चाहिए। चुनाव में हार मिलने पर आत्ममंथन करने के बजाय चुनाव आयोग, न्यायपालिका और दूसरी संवैधानिक संस्थाओं की साख पर हमला करना लोकतंत्र के लिए ठीक नहीं है।
उन्होंने राहुल गांधी और कांग्रेस नेतृत्व पर निशाना साधते हुए कहा कि राजनीतिक कार्यक्रमों और आरोपों से चुनाव नहीं जीते जाते। इसके लिए जनता के बीच काम करना, संगठन मजबूत करना और जनविश्वास हासिल करना जरूरी है।
केंद्रीय मंत्री ने दोहराया कि भारत का लोकतंत्र मजबूत है और देश की जनता अपने मताधिकार के जरिए सरकार चुनने में सक्षम है। कांग्रेस को संवैधानिक संस्थाओं पर आरोप लगाने के बजाय अपनी राजनीतिक रणनीति और चुनावी प्रदर्शन पर ध्यान देना चाहिए।