लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
रियायती ऋण योजनाओं से स्वरोजगार को बढ़ावा, 1,381 लाभार्थियों को मिला करीब 20 करोड़ का ऋण
जयपुर । मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राज्य सरकार वंचित वर्गों के आर्थिक सशक्तीकरण की दिशा में निरंतर प्रभावी कदम उठा रही है। सरकार की प्राथमिकता समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक विकास की योजनाओं का लाभ पहुँचाना है। इसी उद्देश्य से स्वरोजगार, कौशल विकास और व्यावसायिक प्रशिक्षण से जुड़ी अनेक योजनाओं का संचालन किया जा रहा है, जिससे लाभार्थी आत्मनिर्भर और स्वावलंबी बन सकें।
अंत्योदय की भावना को केंद्र में रखते हुए राज्य सरकार समावेशी और सशक्त राजस्थान के निर्माण की दिशा में मजबूती से आगे बढ़ रही है।
रियायती ऋण से मिल रहा स्वरोजगार को बल
सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के अधीन राजस्थान अनुसूचित जाति, जनजाति वित्त एवं विकास सहकारी निगम लिमिटेड द्वारा वित्तीय वर्ष 2024-25 में उल्लेखनीय पहल की गई है। निगम ने अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, सफाई कर्मचारी एवं दिव्यांगजन वर्ग के 1,381 लाभार्थियों को लगभग 20 करोड़ रुपये का ऋण रियायती ब्याज दर पर स्वीकृत किया है। इससे लाभार्थियों को स्वरोजगार के नए अवसर उपलब्ध होंगे।
मुख्यमंत्री की दूरदर्शी सोच के अनुरूप इस योजना का उद्देश्य केवल रोजगार उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि लाभार्थियों को रोजगार प्रदाता बनाना है।
विभिन्न वर्गों को मिला ऋण का लाभ
वित्तीय वर्ष 2024-25 में निगम द्वारा—
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अनुसूचित जाति के 671 लाभार्थियों को 7.52 करोड़ रुपये,
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अनुसूचित जनजाति के 325 लाभार्थियों को 3.25 करोड़ रुपये,
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सफाई कर्मियों के 106 लाभार्थियों को 3.81 करोड़ रुपये,
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दिव्यांगजनों के 51 लाभार्थियों को 58.08 लाख रुपये
का ऋण स्वीकृत किया गया। कुल मिलाकर विभिन्न वर्गों के पात्र लाभार्थियों को करीब 20 करोड़ रुपये का ऋण वितरण किया गया है।
2025-26 के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया पूर्ण
मुख्यमंत्री के संवेदनशील नेतृत्व में वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए ऑनलाइन ऋण आवेदन प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। निर्धारित लक्ष्य 3,470 के मुकाबले 15,635 आवेदन प्राप्त हुए हैं, जो योजना के प्रति आमजन के बढ़ते विश्वास को दर्शाता है।
जनवरी 2026 में जिला स्तरीय ऋण चयन समितियों द्वारा जिलेवार साक्षात्कार आयोजित किए जाएंगे। चयन के पश्चात आवश्यक दस्तावेज पूरे होने पर डीबीटी के माध्यम से ऋण राशि सीधे लाभार्थियों के खातों में हस्तांतरित की जाएगी।
बैंकों के माध्यम से भी ऋण स्वीकृति
अनुसूचित जाति उप-योजना के अंतर्गत राष्ट्रीयकृत एवं निजी बैंकों के माध्यम से भी ऋण स्वीकृत कराए जा रहे हैं। निर्धारित लक्ष्य 3,400 के विरुद्ध अब तक 2,670 व्यक्तियों को विभिन्न बैंकों से ऋण स्वीकृत कराया जा चुका है।
इसके साथ ही प्रधानमंत्री अनुसूचित जाति अभ्युदय योजना (पीएम-अजय) के तहत पात्र लाभार्थियों को परियोजना लागत का 50 प्रतिशत या अधिकतम 50 हजार रुपये (जो भी कम हो) अनुदान के रूप में दिया जा रहा है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में इसके लिए 452 लाख रुपये का अनुदान स्वीकृत किया गया है।
अंत्योदय की भावना के साथ सरकार प्रतिबद्ध
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के प्रभावी नेतृत्व में राज्य सरकार हर जरूरतमंद वर्ग के साथ खड़ी है। आर्थिक सहायता, रोजगार के अवसर और स्वरोजगार को बढ़ावा देकर प्रदेश सरकार आत्मनिर्भर और सशक्त राजस्थान के लक्ष्य की ओर निरंतर अग्रसर है।