लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
जयपुर में भाजपा की पदयात्रा से कांग्रेस पर सियासी प्रहार
भजनलाल शर्मा ने कहा– सच सुनते ही तिलमिला गई कांग्रेस, अभी तो बहुत कुछ बाकी है
एसआईआर के समर्थन में भाजपा का शक्ति प्रदर्शन, रामलीला मैदान से त्रिपोलिया गेट तक निकली पदयात्रा
जयपुर। राजस्थान की राजधानी जयपुर में गुरुवार को भाजपा ने ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ अभियान के तहत पदयात्रा निकालकर कांग्रेस के खिलाफ सियासी मोर्चा खोल दिया। रामलीला मैदान से त्रिपोलिया गेट तक निकली इस पदयात्रा में केंद्रीय रेल एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव, भाजपा प्रदेश प्रभारी संजय भाटिया, प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ और मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा समेत पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने हिस्सा लिया। पदयात्रा से पहले आयोजित जनसभा में भाजपा नेताओं ने एसआईआर, मतदाता सूची के शुद्धिकरण और चुनाव प्रक्रिया को लेकर कांग्रेस पर जमकर निशाना साधा।

अश्विनी वैष्णव का आरोप– कांग्रेस संस्थाओं को कमजोर करने पर तुली
केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि कांग्रेस एसआईआर को लेकर झूठा प्रचार कर देश में अराजकता का माहौल बनाना चाहती है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के शासनकाल में भी दस बार एसआईआर की प्रक्रिया हो चुकी है और ईवीएम व्यवस्था भी उसी दौर में शुरू हुई थी। इसके बावजूद आज कांग्रेस लोकतांत्रिक संस्थाओं और संवैधानिक व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े कर रही है।
वैष्णव ने कहा कि मतदाता सूचियों का शुद्धिकरण लोकतांत्रिक प्रक्रिया का हिस्सा है। जिन लोगों का निधन हो चुका है या जो पात्र मतदाता नहीं हैं, उनके नाम सूची से हटाने की प्रक्रिया पर कांग्रेस को आपत्ति नहीं करनी चाहिए। ईवीएम पर सवाल उठाने वाली कांग्रेस को चुनाव परिणामों के समय भी अपना यही रुख स्पष्ट करना चाहिए।
उन्होंने राहुल गांधी को चुनौती देते हुए कहा कि राजनीतिक मुद्दों पर चर्चा सोशल मीडिया के बजाय संसद में होनी चाहिए। राहुल गांधी संसद में आएं और बहस करें। अग्निवीर योजना पर कांग्रेस के विरोध को भी उन्होंने राजनीतिक बताते हुए कहा कि योजना में दो साल का विस्तार दिए जाने से युवाओं में उत्साह है।
संजय भाटिया बोले– बैलेट पेपर पर भी चुनाव हार रही कांग्रेस
भाजपा प्रदेश प्रभारी संजय भाटिया ने कहा कि पार्टी सड़क पर उतरकर कांग्रेस के उस कथित दुष्प्रचार का विरोध कर रही है, जो एसआईआर को लेकर लगातार किया जा रहा है। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि मतदाता सूची से घुसपैठियों और मृत व्यक्तियों के नाम हटाए जा रहे हैं, तो कांग्रेस और इंडी गठबंधन को परेशानी क्यों हो रही है?
भाटिया ने आरोप लगाया कि कांग्रेस झूठ बोलकर, लोगों को भड़काकर और किसानों को गुमराह करके सत्ता हासिल करना चाहती है। उन्होंने कहा कि एमएलसी चुनाव बैलेट पेपर से हुए, लेकिन वहां भी कांग्रेस को सफलता नहीं मिली। कांग्रेस जब चुनाव जीतती है तो परिणाम स्वीकार करती है, लेकिन हारने पर चुनाव प्रक्रिया पर सवाल उठाने लगती है। उसे अपने इस दोहरे रवैये पर आत्ममंथन करना चाहिए।
मदन राठौड़ का हमला– सत्ता के लिए तड़प रहा विपक्ष
भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ ने कहा कि विपक्ष सत्ता हासिल करने के लिए बिन पानी मछली की तरह तड़प रहा है। कांग्रेस के नेता अराजकता फैलाकर सत्ता में वापसी का सपना देख रहे हैं। उन्होंने दिल्ली में हुए प्रदर्शनों का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि प्रदर्शन में भाड़े के लोगों को शामिल किया गया।
राठौड़ ने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि वह ऐसे लोगों के साथ खड़ी है, जो भगवान श्रीराम का अपमान करते हैं और राष्ट्रविरोधी बयान देते हैं। उन्होंने राहुल गांधी के आचरण पर भी सवाल उठाए। राठौड़ ने कहा कि लोकतंत्र में फैसले संसद और संवैधानिक संस्थाओं के माध्यम से होते हैं, सड़कों पर नहीं। सड़क पर फैसले करने की प्रवृत्ति लोकतंत्र को अराजकता की ओर ले जाती है।
भजनलाल शर्मा बोले– सच सुनते ही तिलमिला गई कांग्रेस, अभी बहुत कुछ बाकी है
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कांग्रेस पर पलटवार करते हुए कहा कि आज वही कांग्रेस लोकतंत्र की दुहाई दे रही है, जिसने अपने शासनकाल में कई बार लोकतांत्रिक व्यवस्था को कमजोर किया। उन्होंने जोधपुर की सभा में दिए गए अपने बयान का जिक्र करते हुए कहा कि सच सुनते ही कांग्रेस तिलमिला गई। अभी तो बहुत कुछ बाकी है, आगे-आगे देखिए होता है क्या।
मुख्यमंत्री ने पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार को घेरते हुए आरपीएससी सदस्य की नियुक्ति, विशेषाधिकारी की स्वीकारोक्ति, तत्कालीन मंत्री के जेल जाने और जल जीवन मिशन में कथित घोटाले जैसे मुद्दे उठाए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस इन सवालों का जवाब देने के बजाय आरोपों से बचने का प्रयास कर रही है।
शर्मा ने कहा कि कांग्रेस में होड़ लगी है कि कौन ऐसा बयान दे, जिस पर मुख्यमंत्री जवाब दें और उसका राजनीतिक कद बढ़ जाए। लेकिन राजनीतिक कद बयानबाजी से नहीं, बल्कि जनता के बीच काम करने से बढ़ता है। उन्होंने कांग्रेस को 34 महीने बनाम पांच साल के कार्यकाल पर खुली बहस की चुनौती देते हुए कहा कि भाजपा पहले भी सदन में चर्चा का प्रस्ताव रख चुकी है, लेकिन कांग्रेस चर्चा से बचती रही है।
रामलीला मैदान से त्रिपोलिया गेट तक दिखी भाजपा की एकजुटता
सभा के बाद पदयात्रा रामलीला मैदान से रवाना होकर चौड़ा रास्ता होते हुए त्रिपोलिया गेट पहुंची। इसमें पूर्व प्रदेशाध्यक्ष अशोक परनामी, डॉ. अरुण चतुर्वेदी, उपमुख्यमंत्री डॉ. प्रेमचंद बैरवा, कैबिनेट मंत्री कर्नल राज्यवर्धन सिंह राठौड़, सांसद मंजू शर्मा, प्रदेश महामंत्री श्रवण सिंह बगड़ी, संगठन महामंत्री अजेय कुमार सहित अनेक पार्टी पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता शामिल हुए।
भाजपा की इस पदयात्रा के जरिए पार्टी ने एसआईआर के मुद्दे पर कांग्रेस के विरोध का जवाब देने के साथ ही राजधानी जयपुर में अपनी राजनीतिक ताकत और संगठनात्मक एकजुटता का प्रदर्शन किया।