लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
धांधल सेन समाज ने राजस्थानी परंपरा के अनुसार किया स्वागत, सैन मोहल्ले में उमड़ा जनसैलाब
पादूकलां। कस्बे के सैन मोहल्ले में बुधवार शाम धांधल (सेन) समाज की ओर से नवनिर्वाचित सरपंच भन्नाराम बेड़ा सहित जनप्रतिनिधियों का भव्य स्वागत एवं अभिनंदन किया गया। राजस्थानी परंपरा के अनुसार आयोजित समारोह में सरपंच भन्नाराम बेड़ा को 76 किलो गुड़ से तौलकर सम्मानित किया गया। इस दौरान समाजबंधुओं और मोहल्लेवासियों में खासा उत्साह देखने को मिला।
समारोह में नवनिर्वाचित सरपंच भन्नाराम बेड़ा, उपसरपंच प्रतिनिधि गुमानराम देवासी एवं वार्ड पंच पवन लखारा का साफा और माला पहनाकर स्वागत किया गया। समाज के लोगों ने जनप्रतिनिधियों का अभिनंदन करते हुए क्षेत्र के विकास और जनहित के कार्यों में सक्रिय भूमिका निभाने की अपेक्षा जताई।
36 कौम को साथ लेकर करेंगे गांव का विकास
नवनिर्वाचित सरपंच भन्नाराम बेड़ा ने समाज की ओर से मिले सम्मान और स्नेह के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि ग्रामीणों ने उन्हें जो जिम्मेदारी सौंपी है, उसका निर्वहन पूरी ईमानदारी, निष्ठा और समर्पण के साथ करेंगे। गांव का विकास उनकी प्राथमिकता है।
उन्होंने कहा कि ग्राम पंचायत क्षेत्र की सभी 36 कौम के नागरिकों को साथ लेकर विकास कार्य करवाए जाएंगे। आमजन की समस्याओं का समाधान करना और जनहित के कार्यों को प्राथमिकता देना उनकी जिम्मेदारी रहेगी। सरपंच ने सभी समाजों और ग्रामीणों का आभार जताते हुए सहयोग की अपेक्षा की।
सामाजिक एकजुटता की दिखी झलक
समारोह में किसान मोर्चा प्रदेश सदस्य मदनराम गोरा, भीयाराम बेड़ा, भीखाराम गोरा, नेमाराम भाटी, माला राम देवासी, खियाराम लोरा, सुखाराम ढाका, सुखाराम गौड़, जगदीश मेहरा, पूर्व उपसरपंच हरिश सोनी, सुनील भाटी, शिवदान माकड़ा, हिराराम जाखड़, अजीत मोहम्मद देशवाली, श्रवण सिंह, शेरसिंह, रामस्वरूप टेलर, अंकित सोनी, ओमप्रकाश देवासी, गोवर्धन माली, शंकरलाल लखारा, मुरलीराम माकड़, सुरेश माकड़ा, नरेंद्र भाटी, गौतमचंद उपाध्याय, सुवालाल प्रजापत एवं राधाकिशन बेड़ा सहित अनेक गणमान्य लोग मौजूद रहे।
इसके अलावा केहरिराम सैन, ढगलचंद सैन, किशनचंद सैन, छोटूराम सैन, राजेंद्र सैन, सुभाषचंद्र सैन, उत्तमचंद सैन, नंदू सैन, राजू नाई, रमेशचंद सैन, बबलू सैन एवं संतोष सैन सहित बड़ी संख्या में समाजबंधुओं ने समारोह में भाग लिया।
कार्यक्रम में सैन मोहल्ले की महिलाओं, पुरुषों और युवाओं की उत्साहपूर्ण भागीदारी रही। समारोह के दौरान सामाजिक एकजुटता, आपसी भाईचारे और राजस्थानी परंपरा के अनुरूप सम्मान-अभिनंदन की शानदार झलक देखने को मिली।