लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
भीषण गर्मी के साथ बढ़ेगा दान-पुण्य का महत्व
25 मई से सूर्य के रोहिणी नक्षत्र में प्रवेश करते ही नौतपा की शुरुआत होने जा रही है। इस वर्ष नौतपा 25 मई से 2 जून तक रहेगा। ज्योतिष मान्यताओं के अनुसार ये साल के सबसे गर्म नौ दिन माने जाते हैं, जब सूर्य की तपिश अपने चरम पर होती है और धरती आग उगलती प्रतीत होती है।
क्या होता है नौतपा?
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार जब सूर्य रोहिणी नक्षत्र में प्रवेश करता है, तब नौतपा आरंभ होता है। रोहिणी नक्षत्र वृषभ राशि का नक्षत्र माना जाता है और इसका स्वामी चंद्रमा होता है।
मान्यता है कि यदि नौतपा के दौरान तेज गर्मी पड़ती है तो आने वाले समय में अच्छी बारिश होने की संभावना बढ़ जाती है।
इस बार अधिक मास में पड़ रहा नौतपा
इस वर्ष नौतपा अधिक मास में पड़ रहा है, जिसके कारण धार्मिक दृष्टि से इसका महत्व और अधिक बढ़ गया है। मान्यता है कि इस दौरान किए गए दान-पुण्य का विशेष फल प्राप्त होता है।
नौतपा में करें इन चीजों का दान
जल और शरबत का दान
भीषण गर्मी में राहगीरों और जरूरतमंदों को ठंडा पानी या शरबत पिलाना बेहद पुण्यकारी माना गया है। कई स्थानों पर लोग प्याऊ लगाकर सेवा कार्य करते हैं।
छाता और चप्पल
धूप से बचाव के लिए गरीब और जरूरतमंद लोगों को छाता एवं चप्पल दान करना शुभ माना जाता है।
फल और ठंडी वस्तुएं
तरबूज, खरबूजा, बेल का शरबत और अन्य शीतल खाद्य पदार्थों का दान भी लाभकारी माना गया है।
वस्त्र दान
हल्के सूती कपड़ों का दान गर्मी में जरूरतमंदों के लिए राहत का माध्यम बनता है।
पशु-पक्षियों के लिए पानी
घर की छतों और सार्वजनिक स्थानों पर पक्षियों के लिए पानी रखना भी पुण्यदायी माना गया है।
इन बातों का रखें ध्यान
- दोपहर में बिना जरूरत घर से बाहर निकलने से बचें
- पर्याप्त पानी पीते रहें
- तेज धूप में बच्चों और बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखें
- हल्का एवं सुपाच्य भोजन करें
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार इस बार नौतपा के दौरान राजस्थान सहित उत्तर भारत के कई हिस्सों में तापमान 45 डिग्री सेल्सियस के पार जा सकता है। ऐसे में लोगों को सतर्क रहने और स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखने की सलाह दी जा रही है।
