सिरोही। तुषार पुरोहित सीनियर रिपोर्टर आबूरोड़ के तलहटी से ख़बर। सेंट जोन्स स्कूल के पास बन रहें भवन को UIT आबू नें पूर्व में जांच में माना की निर्माणाधीन भवन को बिना सक्षम स्वीकृति के बनाया गया
उसके बाद निर्माण कर्ता को थमाया अंतिम नोटिस
नोटिस थमाने के बाद UIT आबू के जिम्मेदार अग्रिम कार्रवाई करने की जहमत क्यों नहीं उठा पाये .?
सिर्फ नोटिस थमाने तक की कार्रवाई करने के पीछे क्या मंशा.? यह समझ से परे है।
ज़ब कोई भवन विधि विरुद्ध बना तों उसको ध्वस्त न करने या प्रशासन द्वारा कार्रवाई नहीं करने के पीछे राज क्या है .? क्या नोटिस के बाद मामला लेनदेन करके सेट हो गया..? यूआईटी आबू में कौनसे नेताजी की पनाह पर चल रहा यह खेल..! लोगों में है चर्चा का विषय। यूआईटी आबू क्षेत्र में सरकार की छवि को धूमिल करके कौनसे नेता जी अवैध निर्माण कर्ताओ को क्यों दे रहें है पनाह.? इसके पीछे क्या राज? वही कौनसे नेताजी के लेटरपेड पर पूर्व में अवैध निर्माण की हुई शिकायत.? और उन शिकायत के बाद यूआईटी नें क्या की कार्रवाई यदि राज्य सरकार स्तर पर उच्च स्तरीय कमेटी का हो गठन तों खुल सकते है कई राज..?
