फुलेरा (हेमन्त शर्मा) कस्बे के समीपवर्ती ढिंडा क्षेत्र में एक ही होद में 11 सरीसृप गोयरे के आने से परिवार में दहशत फैल गई। डरे सहमे परिवार के मुखिया रामकरण सरसवा ने फुलेरा में संचालित जीव रक्षक संस्था एनिमल वेलफेयर फुलेरा के अध्यक्ष रोशन कुमावत को फोन किया और जानकारी दी । संस्था के संस्थापक व पशुधन सहायक राजकुमार चौहान के सानिध्य में पूरी टीम ने जाकर एक के बाद एक 5 घंटे की कड़ी मस्कद के बाद सभी गोयरे का रेस्क्यू किया, व जंगल में छोड़ा तब जाकर परिवार ने राहत की सांस ली।
साथ ही संस्था के अध्यक्ष रोशन कुमावत ने कहा की मॉनिटर लिजार्ड यानी गोयरे को लेकर लोगों में दहसत है की गोयरे में इतना जहर होता है कि उसके काटने के बाद व्यक्ति पानी तक नहीं मांगता और मौके पर दम तोड़ देता है । गोयरे को अत्यधिक जहरीला सरीसृप माना जाता है । जबकि गोयरा जहरीला नहीं होता । गोयरे के काटने से उसके मुंह में होने वाले कीटाणु के कारण तंत्रिका तंत्र, श्वसन तंत्र, मांशपेशियों ह्रदय पर प्रभाव पड़ता है, लेकिन इससे पीड़ित व्यक्ति की मौत नही होती।
