लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
जयपुर। रंगशिल्प एवं पिंकसिटी प्रेस क्लब के संयुक्त तत्वावधान में 34वां तबला नवाज़ स्व. उस्ताद काले खां संगीत एवं पुरस्कार समारोह 2025 प्रेस क्लब सभागार में गरिमामय वातावरण में आयोजित किया गया। कार्यक्रम में देश के विभिन्न शहरों से आए कलाकारों ने अपनी कला से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध किया।
युवा कलाकारों की अद्भुत प्रस्तुति
कार्यक्रम की शुरुआत गुलजार वायलिन अकादमी के युवा कलाकारों — सुजान हुसैन, राहुल कुमावत, लक्ष्यता भट्ट, मानव गर्ग, लहरी कल्लम, अंकित ठठेरा, तपस्या डांगी, आन्या मित्तल, पावकी वर्मा, तन्मय जोशी, बांसुरी वादक ज़ेयान हुसैन और तबला वादक — द्वारा राग खमाज की बंदिश दीपचंदी ताल में प्रस्तुति से हुई।
इसके बाद मध्य लय के तीन ताल में बंदिश प्रस्तुत की गई। अंत में द्रुत लय में झाले से समापन करते हुए कलाकारों ने माहौल को सुर–लय से भर दिया।
कोलकाता की कलाकार तान्या भादुड़ी का मनभावन गायन
दूसरे चरण में कोलकाता की उप-शास्त्रीय गायिका तान्या भादुड़ी ने राग कौशिक ध्वनि में “साजन बिना कासे कटे दिन रैना” प्रस्तुत कर सभी को बांध लिया।
इसके पश्चात उन्होंने राग पीलू में कजरी “बरसन लागी बदरिया सावन की” सुनाई, जिसे दर्शकों ने खूब सराहा।
प्रतिष्ठित कलाकारों का सम्मान
समारोह में तबला नवाज़ स्व. उस्ताद काले खां संगीत पुरस्कार 2025 प्रदान किए गए। सम्मानित कलाकारों में —
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प्रसिद्ध ध्रुपद गायक उस्ताद एस. नफ़ीसउद्दीन (स्व. उस्ताद सईदुद्दीन डागर के सम्मान के रूप में)
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उस्ताद एस. अनीसउद्दीन
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‘श्रेष्ठ साधक उपाधि’ से सम्मानित उस्ताद नाज़िम हुसैन (गायक–संगीतकार)
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अमित अनुपम (गायक–संगीतकार)
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रूपसिंह शेखावत (लोक नृत्याचार्य एवं गुरु)
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पवन गोस्वामी (गिटार वादक एवं संगगुरु)
इन सभी को शॉल, स्मृति चिन्ह और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।
समारोह ने संगीत, परंपरा और युवा प्रतिभाओं को एक मंच पर लाकर भारतीय कला-संस्कृति के संरक्षण का सशक्त संदेश दिया।
