Home latest श्रीमद् भागवत गंगा मन को पवित्र करती है और गोविंद की प्राप्ति...

श्रीमद् भागवत गंगा मन को पवित्र करती है और गोविंद की प्राप्ति होती है

0

लोक टुडे न्यूज नेटवर्क

रामद्वारा, भीलवाड़ा। (पंकज पोरवाल)
शहर के रामद्वारा में संजय कॉलोनी निवासी सामरिया परिवार द्वारा आयोजित श्रीमद् भागवत कथा सप्ताह ज्ञानयज्ञ के पांचवें दिन मंगलवार को कथा में कथावाचक रामस्नेही संत हरशुकराम ने भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं का सुंदर वर्णन किया।

संत हरशुकराम का प्रवचन

संत हरशुकराम ने कथा में माखन चोरी, गोवर्धन लीला, रास लीला जैसे प्रसंगों का वर्णन करते हुए कहा कि:

“श्रीमद् भागवत गंगा के समान है। संतों ने भागवत को गंगा का रूप दिया है। हरिद्वार की गंगा तन को पवित्र करती है, जबकि श्रीमद् भागवत गंगा मन को पवित्र करती है और गोविंद की प्राप्ति कराती है।”

उन्होंने कहा कि संतों के श्रीमुख से निकली वाणी ही गंगा कहलाती है। एक भागीरथी गंगा है और एक सत्संग रूपी भागवत गंगा। इन दोनों में सबसे अधिक महत्व भागवत गंगा का है।

संत ने इस अवसर पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष पर भी भक्तजनों को प्रेरक संदेश दिया।

झांकियों ने मोहा मन

आयोजक रतनलाल सामरिया ने बताया कि कथा के दौरान छप्पन भोग और गोवर्धन पर्वत की झांकी सजाई गई, जिन्हें देखकर श्रद्धालु भाव-विभोर हो गए। कथा के अंत में प्रसाद वितरण किया गया।

संत का सम्मान

कथा में उपस्थित प्रमुख जनों में पूर्व प्रदेश अध्यक्ष राधेश्याम सोमानी, जमनालाल कालिया, श्यामलाल डाड, कैलाश मूंदड़ा, राजेश अग्रवाल, विक्रांत पाराशर शामिल रहे। सभी ने संत हरशुकराम का माल्यार्पण कर आशीर्वाद लिया।

आगे के प्रसंग

यह कथा प्रतिदिन प्रातः 9 बजे से दोपहर 12:15 बजे तक आयोजित हो रही है। कथा के छठे दिन कंस वध, द्वारिका गमन और रुक्मणी विवाह के प्रसंग सुनाए जाएंगे।

NO COMMENTS

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Exit mobile version