लोक टुडे न्युज़ नेटवर्क
नितिन मेहरा, अजमेर।
विश्व प्रसिद्ध श्री पुष्कर मेला 2025 का गुरुवार को पारंपरिक ध्वजारोहण के साथ भव्य शुभारम्भ हुआ।
उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी एवं जल संसाधन मंत्री सुरेश सिंह रावत ने मेला मैदान में विधिवत ध्वजारोहण कर मेले के शुभारम्भ की घोषणा की।
अध्यक्ष जीतमल प्रजापत, नगर परिषद के निवर्तमान सभापति कमल पाठक, संभागीय आयुक्त शक्ति सिंह राठौड़, जिला कलक्टर लोक बन्धु एवं पुलिस अधीक्षक वंदिता राणा सहित अनेक गणमान्य अतिथि इस अवसर पर उपस्थित रहे।
️ राज्य सरकार दे रही है पुष्कर मेले को वैश्विक पहचान
उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी ने कहा कि पुष्कर मेला राजस्थान की सांस्कृतिक, आध्यात्मिक एवं पर्यटन विरासत का प्रतीक है।
राज्य सरकार ने इसके महत्व को देखते हुए मेला बजट को 70 लाख से बढ़ाकर 1 करोड़ रुपये किया है ताकि देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें।
उन्होंने बताया कि पुष्कर कॉरिडोर की डीपीआर तैयार हो चुकी है और इसका शिलान्यास शीघ्र ही किया जाएगा।
राज्य सरकार “Pushkar Forever” संकल्प के साथ तीर्थराज पुष्कर को अंतरराष्ट्रीय तीर्थ पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने के लिए प्रतिबद्ध है।
लोक संस्कृति की झलक — घूमर उत्सव और लोकनृत्य
उपमुख्यमंत्री ने बताया कि 19 नवंबर को प्रदेश के सभी संभाग मुख्यालयों पर ‘घूमर उत्सव’ आयोजित किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि राजस्थानी लोकनृत्य घूमर हमारी सांस्कृतिक पहचान है और इसे नई पीढ़ी तक पहुंचाना हम सबका कर्तव्य है।
मंच से उतरकर उपमुख्यमंत्री ने लोक नृत्य कर रही बालिकाओं का उत्साहवर्धन भी किया और पारंपरिक नृत्य में सम्मिलित होकर राजस्थानी संस्कृति से जुड़ाव का संदेश दिया।
पर्यटन संवर्धन और स्थानीय विकास की दिशा में कदम
जल संसाधन मंत्री सुरेश सिंह रावत ने कहा कि मेला बजट में वृद्धि से पर्यटन, अर्थव्यवस्था और रोजगार को नई गति मिलेगी।
उन्होंने कहा कि पुष्कर मेला केवल धार्मिक आयोजन नहीं बल्कि आर्थिक और सामाजिक विकास का भी माध्यम है।
रावत ने आगंतुकों से स्वच्छता, अनुशासन और अतिथि देवो भव की भावना के साथ मेले को सफल बनाने की अपील की।
नगाड़ा वादन और वैदिक अनुष्ठान ने बांधा समां
शुभारंभ समारोह में वैदिक मंत्रोच्चारण और पूजा-अर्चना का आयोजन पंडित कैलाशनाथ दाधीच के आचार्यत्व में हुआ।
ध्वजारोहण के पश्चात अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त नगाड़ा वादक नाथूलाल सोलंकी एवं उनके दल ने 101 नगाड़ों की गूंज से पूरा वातावरण भक्तिमय बना दिया।
150 से अधिक बालिकाओं द्वारा लोकगीतों और सामूहिक नृत्य प्रस्तुतियों ने सांस्कृतिक विविधता की झलक पेश की।
जयपुर काइट्स टीम द्वारा रंग-बिरंगी पतंगों का आकर्षक प्रदर्शन भी किया गया।
सांस्कृतिक यात्रा और लोकनृत्य दलों ने मोहा मन
गोपाल बंजारा के संयोजन में भव्य सांस्कृतिक यात्रा निकाली गई।
इसमें बीकानेर के अनिल बोहरा, पुष्कर के राजेश भाट, राजेशनाथ का कालबेलिया नृत्य, किशनाराम भोपा का रावणहठ्ठा वादन,
मुकेश नाथ का राजस्थानी नृत्य और जैसलमेर के पारसमल का लाल आंगी गेर विशेष आकर्षण रहे।
विभिन्न लोकनृत्य दलों ने गैर, कच्छी घोड़ी, कालबेलिया जैसे पारंपरिक नृत्यों से दर्शकों का मन मोह लिया।
⚽ खेल प्रतियोगिताएं भी बनी आकर्षण का केंद्र
मेला मैदान में फुटबॉल मैच सहित विभिन्न खेलकूद प्रतियोगिताओं की शुरुआत हुई।
देशी टीम ने विदेशी टीम को 2-1 से हराकर जीत दर्ज की।
शुभारम्भ मंत्री सुरेश रावत द्वारा टॉस कर किया गया।
️ व्यवस्थाओं पर प्रशासन सतर्क
एसडीएम एवं मेला मजिस्ट्रेट गुरु प्रसाद तंवर ने बताया कि मेले के दौरान सुरक्षा और व्यवस्थाओं के लिए
विशेष कैंप स्थापित किए गए हैं।
सरोवर क्षेत्र और मेला स्थल पर तीर्थयात्रियों व पर्यटकों की सुविधा के लिए विशेष प्रबंध और गाइडलाइन लागू की गई है।
इस अवसर पर अतिरिक्त जिला कलक्टर गजेन्द्र सिंह राठौड़,
पशुपालन विभाग के संयुक्त निदेशक डॉ. सुनील धीया,
अनेक अधिकारी, जनप्रतिनिधि और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।