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सेवा करना केवल कर्तव्य नहीं, एक साधना है जिसे निरंकारी मिशन निभा रहा है

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लोक टुडे न्यूज नेटवर्क 

भीलवाड़ा | रिपोर्ट – पंकज पोरवाल

सतगुरु माता सुदीक्षा महाराज एवं निरंकारी राजपिता रमित के पावन आशीर्वाद से संत निरंकारी चैरिटेबल फाउंडेशन द्वारा चलाए जा रहे ‘वननेस वन’ परियोजना के पांचवें चरण का आयोजन रविवार को देशभर के 600 से अधिक स्थलों पर श्रद्धा और उत्साह के साथ संपन्न हुआ।

भीलवाड़ा ज़ोन की क्षेत्रीय संचालक संत हरीचरण ने जानकारी दी कि पीएम श्री राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, मांडल में निरंकारी मंडल के सेवादल व भक्त श्रद्धालुओं द्वारा 150 से अधिक विभिन्न प्रजातियों के पौधे लगाए गए। इन पौधों की देखरेख करीब तीन वर्षों तक गोद लेकर की जाएगी, ताकि वे घने वनों का रूप ले सकें।

समाज से मिली सराहना

इस अवसर पर समाजसेवी सुबोध शर्मा और राधेश्याम शर्मा ने भी निरंकारी मंडल की पहल की सराहना करते हुए इसे पर्यावरण संरक्षण के लिए अत्यंत लाभकारी कदम बताया।

प्रकृति और सेवा का आंदोलन

निरंकारी मंडल के सचिव जोगिन्दर सुखीजा ने बताया कि “वननेस वन अभियान केवल हरियाली फैलाने की पहल नहीं है, बल्कि यह प्रकृति से जुड़ाव, मानवीय उत्तरदायित्व और सह-अस्तित्व की भावना को सुदृढ़ करने का समर्पित प्रयास है।”
उन्होंने आगे कहा कि वर्ष 2021 में शुरू हुआ यह अभियान अब लघु वनों का स्वरूप ले चुका है। इन वनों में प्रवासी पक्षियों की वापसी और जैव विविधता का पुनरुत्थान साबित करता है कि यह प्रयास केवल पर्यावरण की रक्षा नहीं, बल्कि प्रकृति के पुनर्जीवन का माध्यम भी बन चुका है।

भविष्य की पीढ़ियों के लिए संकल्प

सुखीजा ने यह भी कहा कि “वननेस वन परियोजना केवल वृक्षारोपण नहीं, बल्कि यह सेवा और साधना का एक जीवंत आंदोलन है। यह अभियान आने वाली पीढ़ियों को हरे-भरे और समृद्ध वातावरण देने का सतत प्रयास है।”

सेवादल का विशेष योगदान

मीडिया प्रभारी लादूलाल ने बताया कि इस वृक्षारोपण अभियान में निरंकारी सेवादल के भाई-बहनों और संगत ने विशेष रूप से योगदान दिया और पौधों के संरक्षण का संकल्प लिया।

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