लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
राजसमंद (गौतम शर्मा)। साकेत जिला कार्यसमिति की त्रैमासिक बैठक का आयोजन नए वर्ष की प्रथम बैठक के रूप में 11 जनवरी को सूचना केंद्र, राजसमंद में किया गया। बैठक की अध्यक्षता साकेत अध्यक्ष वीणा वैष्णव “रागिनी” ने की। कार्यक्रम की शुरुआत बख्तावर सिंह चुंडावत द्वारा सरस्वती वंदना से हुई, इसके साथ ही संस्थापक सदस्य विजय राव, डॉ. आनंद श्रीवास्तव, राजकुमार दक और नारायण सिंह राव ने दीप प्रज्वलित कर बैठक का शुभारंभ किया।
मुख्य अतिथि और वरिष्ठ कवि, साकेत संस्थापक सदस्य विजय सिंह राव ने कहा कि साहित्य समाज का दर्पण है। इसलिए लेखक की जिम्मेदारी बनती है कि वह अपनी लेखनी के माध्यम से सकारात्मक भाव व्यक्त करते हुए सामाजिक हित की भावना को प्रकट करे।
विशिष्ट अतिथि महासचिव कमल अग्रवाल ने साहित्य संस्थान की उन्नति से जुड़े नियम और पहलुओं पर विस्तार से जानकारी दी। सलाहकार सदस्य राजकुमार दक ने मंच से लेखन में मात्रात्मक विकास से बढ़कर गुणवत्तापरक लेखन (क्वालिटी) पर ध्यान देने का संदेश दिया। महासचिव कलम अग्रवाल एवं उपाध्यक्ष नारायण सिंह राव ने बैठक में वर्ष भर की कार्ययोजना को अंतिम रूप दिया। बैठक का संचालन कोषाध्यक्ष राधेश्याम राणा ने किया।
मीडिया प्रभारी अन्नू राठौड़ “रुद्रांजली” ने बताया कि जिले में विभिन्न आयु वर्ग के लिए समय-समय पर प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाएगा, जिससे लोगों में लेखन के प्रति रुचि और जागरूकता बढ़े।
बैठक में कमलेश जोशी, कुमार दिनेश, चंद्रशेखर नारलाई, डॉ. संपत रेगर, माधव जटिया, कैलाश सालवी और राधेश्याम शर्मा “सत्यराही” सहित अन्य साहित्यकार उपस्थित थे, जिन्होंने अपने विचार व्यक्त किए। अंत में अध्यक्ष वीणा वैष्णव ने सभी का आभार व्यक्त किया और बैठक का समापन किया।
