Home latest राष्ट्रीय लोक अदालत में पारिवारिक न्यायालय संख्या 2 में आपसी समझाइश और...

राष्ट्रीय लोक अदालत में पारिवारिक न्यायालय संख्या 2 में आपसी समझाइश और राजीनामे से हुआ प्रकरण का निस्तारण

0

लोक टुडे न्यूज नेटवर्क

विजय कपूर की रिपोर्ट
बीकानेर। शनिवार को आयोजित प्रथम राष्ट्रीय लोक अदालत में आपसी पारिवारिक विवाद के कारण लम्बित चल रहे वैवाहिक प्रकरण, हिन्दूविवाह अधिनियम धारा 9 के तहत दाम्पत्य अधिकारों की पुनः स्थापना बाबत पेश किया गया। जिसका निस्तारण पारिवारिक न्यायालय संख्या 2 बीकानेर के न्यायाधीश श्री बरकत अली द्वारा पक्षकारों रामचन्द्र बनाम किरण, जिनका विवाह 2012 में सम्पन्न हुआ था व मनोज मेहरा बनाम खुशबु पंवार जिनका विवाह 2013 में सम्पन्न हुआ था जो काफी लम्बे समय से एक-दूसरे से अलग रह रहे थे। उनकी ओर से अधिवक्ता गोविन्द डूडी व अधिवक्ता लेखराज नायक व अधिवक्ता आजाद कश्यप थे। जिनके मध्य आपसी समझाईश से राजीनामा कर निस्तारित किया गया।

जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष और जिला एवं सेशन न्यायाधीश अतुल कुमार सक्सैना व अपर जिला एवं सेशन न्यायाधीश संख्या 01 वमीता सिंह व सचिव, मांडवी राजवी (जिला विधिक सेवा प्राधिकरण) तथा बेैच के सदस्य शफी मोहम्मद की उपस्थिति में एक दूसरे को माला पहनाते हुए हिन्दू विवाद के पवित्र बंधन का सम्मान रखते हुए तथा आपसी विवाद को खत्म किया तथा वर्षों पुराने विवाद का राष्ट्रीय लोक अदालत के माध्यम से निस्तारण किया। 15 वर्ष पुराने जमीनी विवाद का आपसी समझाईस से राजीनामें से हुआ प्रकरण का निस्तारण प्रथम राष्ट्रीय लोक अदालत में 15 वर्ष पुराने जमीनी विवाद का प्रकरण प्री कांउसलिंग के जरिये आपसी समझाईस से राजीनामें से प्रकरण का निस्तारण हुआ। उक्त प्रकरण पूनमचंद बनाम राजेन्द्र कुमार वगैराह का अपर जिला एवम् सेशन न्यायाधीश संख्या 05 में काफी लम्बे समय से विचाराधीन था। उक्त प्रकरण में अधिवक्ता बच्छराज कोठरी द्वारा पैरवी की जा रही थी।

NO COMMENTS

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Exit mobile version