लोक टुडे न्यूज नेटवर्क
उनियारा (सत्यप्रकाश मयंक)।
यहां नैनवां रोड़ स्थित शिव मंदिर में चल रही नानी बाई के मायरे की कथा में विवाह की पृष्ठभूमि और नरसी मेहता की भक्ति तथा उनकी आर्थिक स्थिति का वर्णन किया गया ।कथा वाचक पंद्रह वर्षीय सिद्धि किशोरी शर्मा ने कहा कि नरसी मेहता एक प्रसिद्ध कृष्ण भक्त थे, जिन्होंने अपना जीवन भगवान कृष्ण की भक्ति में समर्पित कर दिया उन्होंने कहा कि भगवान को यदि सच्चे मन से याद किया जाए तो वे अपने भक्तों की रक्षा करने स्वयं आते हैं। सिद्धि किशोरी ने कथा का विस्तार से वर्णन करते हुए कहा कि नानी बाई रो मायरो की शुरूआत नरसी भगत के जीवन से हुई।
नरसी का जन्म गुजरात के जूनागढ़ में आज से 600 साल पूर्व हुमायूं के शासनकाल में हुआ था।कथा के प्रथम दिवस पर सभी महिलाएं ने नाचकर कूदकर भजनों में आनद लिया । महिला मंडल की ओर से कथा वाचक सिद्धि किशोरी का स्वागत अभिन्दन किया गया । कथा श्रवण करने वाले भक्तों की अच्छी खासी संख्या रही जिसमे श्याम परिवार के जगदीश साहू ,राहुल शर्मा , अनिता बड़ाया , कृष्णा गगरानी, संतोष जांगिड, सत्यनारायण शर्मा , राहुल गौतम, गोबिंद शर्मा, विमल पारिक ,भेरू दरबान बंटी शर्मा सहित काफी संख्या में महिला पुरूष श्रद्धालु मौजूद थे ।
