लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
रिपोर्ट: प्रदीप कुमार डागा
नागौर। विश्व क्षय रोग दिवस के अवसर पर चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग द्वारा 100 दिवसीय विशेष “टीबी मुक्त भारत अभियान” का जिला स्तरीय शुभारंभ दवे नगर स्थित राजकीय शहरी आयुष्मान आरोग्य मंदिर से किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पूर्व विधायक मोहनलाल चौधरी रहे, जबकि अध्यक्षता मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. जुगल किशोर सैनी ने की।
मुख्य अतिथि मोहनलाल चौधरी ने कहा कि टीबी उन्मूलन के लिए जनभागीदारी बेहद जरूरी है। समय पर जांच और नियमित उपचार से इस बीमारी को पूरी तरह खत्म किया जा सकता है। वहीं, डॉ. जुगल किशोर सैनी ने बताया कि जिले को टीबी मुक्त बनाने के लिए विशेष रणनीति के तहत कार्य किया जा रहा है।
जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. श्रवण राव ने जानकारी देते हुए बताया कि 24 मार्च से शुरू यह अभियान उच्च जोखिम वाले क्षेत्रों पर विशेष फोकस के साथ चलाया जाएगा। इसके तहत आयुष्मान आरोग्य शिविरों में 14 वर्ष से अधिक आयु के लोगों की टीबी स्क्रीनिंग के साथ Hb, शुगर, BP, BMI और एक्स-रे जांच की जाएगी। संदिग्ध मरीजों की NAAT जांच कर उन्हें निःशुल्क उपचार उपलब्ध कराया जाएगा।
कार्यक्रम के दौरान मोबाइल एक्स-रे मशीन से जांच की गई तथा चिन्हित मरीजों को निक्षय पोषण किट वितरित की गई। इस अवसर पर डॉ. विक्रम चौधरी, नरेंद्र सिंह राठौड़, डॉ. मोहम्मद मुस्लिम, सुरेंद्र चौधरी, गोपाल बुगालिया, सुनील हर्ष और देवाशीष आचार्य सहित कई अधिकारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संयोजन जिला कार्यक्रम समन्वयक हेमंत उज्ज्वल ने किया।
अभियान के प्रथम दिवस ममता हेल्थ इंस्टीट्यूट फॉर मदर एंड चाइल्ड के सहयोग से रोहिताश कुमार, देव किशन और ज़ीशान मिर्ज़ा ने शिविर संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
इसके बाद राज्य स्तरीय एसटीएस प्रभारी डॉ. इंद्रजीत सिंह ने जिला टीबी सेल और आयुष्मान आरोग्य मंदिर का निरीक्षण किया तथा अभियान के प्रभावी क्रियान्वयन, स्क्रीनिंग और मरीजों की मॉनिटरिंग को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।