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कुर्सी बचाने की लड़ाई में कांग्रेस ने राजस्थान का किया नुकसान -पूनियां

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लोक टुडे  न्यूज नेटवर्क

सतीश पुनिया ने कुचामन के टैगोर सैनिक स्कूल में लगाया एक पेड़ मां के नाम

रिपोर्टर — विमल पारीक

कुचामनसिटी। भाजपा के पूर्व प्रदेशाध्यक्ष और हरियाणा प्रभारी डॉक्टर सतीश पुनिया ने सोमवार को कुचामन के टैगोर सैनिक स्कूल ने एक पेड़ मां के नाम कार्यक्रम ने शिरकत की। इस दौरान पुनिया ने मोदी के एक पेड़ मां के नाम योजना के बारे में जानकारी दी और पार्टी की नीतियों पर जानकारी दी।
पुनिया सोमवार की दोपहर एक बार टैगोर सैनिक स्कूल पहुंचे। जहां उन्होंने सबसे पहले आम का पौधा लगाया। इसके बाद पुनिया ने सभी पार्टी के लोगों से चर्चा की और डीडवाना कुचामन जिले के बारे में आमजन की राय ली। उन्होंने कार्यकर्ताओं की नब्ज भी टटोली। इस दौरान कार्यक्रम संयोजक और पार्टी के उपाध्यक्ष रामाकिशन खीचड़, सुनील चौधरी, डीडवाना के भाजपा नेता जितेंद्र जोधा, मनोहरसिंह रूपपुरा, ज्ञानाराम रणवा, जिला उपाध्यक्ष सुनील चौधरी, टैगोर डिफेंस के निदेशक सुल्तानसिंह कल्याणपुरा, रामेश्वरलाल कड़वा सहित अन्य लोग मौजूद रहे।

कुर्सी बचाने की लड़ाई में राजस्थान का किया नुकसान

सतीश पूनिया ने प्रेस वार्ता के दौरान कहा कि कहा कि पिछले 18 से 23 तक कांग्रेस की सरकार रही थी। तत्कालीन मुख्यमंत्री अशोक गहलोत अधिकांश समय तो कुर्सी बचाने में लगे रहे। उनकी पार्टी के भीतर इतना विरोध था कि उपमुख्यमंत्री को और प्रदेश अध्यक्ष को बर्खास्त करना पड़ा।वो 5 साल की विरासत में जो अराजकता प्रदेश ने झेली, वो विरासत में भजनलाल सरकार को मिली। अब भाजपा की सरकार पिछले 2 साल से एक नया राजस्थान बना रही है। अब विकास कार्यों को गति मिल रही है साथ ही धरातल पर योजनाओ का आमजन को लाभ मिल रहा है। उन्होंने कार्यपालिका के बढ़ते हस्तक्षेप की चर्चा पर कहा कि कार्यपालिका सरकार की योजनाओं के अनुसार ही कार्य कर रही है। अब पंचायती राज और स्थानीय निकाय के संस्थाओं को पुनर्जीवित करना, उनको आर्थिक रूप और प्रशासनिक रूप से खड़ा किया जा रहा है। पुनर्सीमांकन का काम लगभग पूरा हुआ है। कांग्रेस के शासन में जो गड़बड़ करी थी, उसे दुरुस्त करने में कुछ समय लगा। भजनलाल सरकार में यह चुनाव व्यवस्थित तरीके से निर्धारित समय में होंगे। उन्होंने कहा कि ऐसा पहली बार हुआ कि भारतीय जनता पार्टी ने 21 जिला परिषदों पर कब्जा किया था। पंचायत समिति और जिला परिषद के अधिकतम सदस्य बीजेपी से जीते थे।

 

 

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