Home latest कुंवारियां में गुरु सौभाग्य एवं गुरु हस्ती गुणगान महोत्सव की तैयारियां जारी

कुंवारियां में गुरु सौभाग्य एवं गुरु हस्ती गुणगान महोत्सव की तैयारियां जारी

0

लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क 

गौतम शर्मा, राजसमंद।

राजसमंद जिले के कुंवारियां में श्री वर्धमान स्थानकवासी जैन श्रावक संघ के तत्वाधान में चल रहे चातुर्मास के अंतर्गत रविवार को गुरु सौभाग्य एवं गुरु हस्ती गुणगान महोत्सव की तैयारियों पर चर्चा की गई। आगामी 23 अक्टूबर को आयोजित होने वाले इस कार्यक्रम में नाटक, नृत्य, कविता, भाषण, पोस्टर और गीत की प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाएगा, जिसमें देश भर से समाज के सदस्य भाग लेकर अपनी प्रस्तुतियां देंगे।

कार्यक्रम के प्रभारी यशवंत पीपाड़ा ने बताया कि रविवार को भव्येश गांधी के सानिध्य में ऑडिशन का आयोजन किया गया, जिसमें विभिन्न स्थानों से आए प्रतिभागियों ने अपनी प्रस्तुतियां दीं और चयनित प्रतिभागी अगले दौर के लिए चुने गए।

साथ ही उप प्रवर्तनी विजयप्रभा मारासा के जन्मदिन के अवसर पर 51 हजार रुपये की राशि कबूतरों के लिए मक्की, गायों के लिए चारा और विभिन्न जीवदया कार्यों के लिए प्रदान की गई। इस अवसर पर भादसोड़ा, गिलूंड सहित अन्य जगहों से श्रावक और श्राविकाओं ने भाग लिया। संघ के सदस्यों ने सभी का माला व उपरणा ओढ़ा कर स्वागत किया।

उप प्रवर्तक कोमल मुनि ने प्रवचन में कहा कि आज के समय में व्यक्ति का मूल्यांकन उसकी बाहरी उपलब्धियों से नहीं, बल्कि उसके हृदय की पवित्रता और मानसिकता से होता है। समाज में वही व्यक्ति सच्चा आदरणीय बनता है, जो दूसरों के दुख में साथ खड़ा होता है। गुणी व्यक्ति चाहे गरीबी में क्यों न हो, दीन-दुखियों की सेवा में आनंद अनुभव करता है, जबकि अभिमानी व्यक्ति महलों में रहकर भी दूसरों को तुच्छ समझता है और समाज की नजरों में उपेक्षित हो जाता है।

कोमल मुनि ने कहा, “गुण और अभिमान में गहरा अंतर है। गुणी व्यक्ति पूजा जाता है, जबकि अभिमानी व्यक्ति धिक्कारा जाता है। इसलिए सच्ची सफलता का मापदंड धन, पद या शोहरत नहीं, बल्कि विनम्रता, सेवा भावना और सदाचार है।”

NO COMMENTS

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Exit mobile version