लोक टुडे न्युज़ नेटवर्क
राज्य सरकार ने 65.56 एकड़ भूमि का किया आवंटन, 1200 करोड़ रुपये का होगा निवेश
प्रदेश के युवाओं को मिलेंगे रोजगार के भरपूर अवसर
जयपुर । राजस्थान में औद्योगिक विकास को नई दिशा देने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए राज्य सरकार ने कोटपूतली-बहरोड़ जिले के घिलोठ औद्योगिक क्षेत्र में प्रदेश का पहला ई-बस मैन्युफैक्चरिंग प्लांट स्थापित करने के लिए भूमि आवंटित की है।
राज्य सरकार ने नीमराणा तहसील के घिलोठ औद्योगिक क्षेत्र में पीएमआई इलेक्ट्रो मॉबिलिटी सॉल्यूशन्स प्रा. लिमिटेड को 2 लाख 65 हजार 329 वर्गमीटर (65.56 एकड़) भूमि आवंटित की है। यह आवंटन राइजिंग राजस्थान ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट में हुए एक एमओयू के तहत रीको के माध्यम से किया गया है।
शुरुआती चरण में इस परियोजना में लगभग 1200 करोड़ रुपये का निवेश किया जाएगा। इस प्लांट में न केवल ई-बसों का निर्माण होगा, बल्कि बस बॉडी, मोटर, बैटरी, वायर हार्नेस तथा अन्य स्पेयर पार्ट्स का भी उत्पादन किया जाएगा।
मुख्यमंत्री से प्रतिनिधिमंडल की मुलाकात
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा से मंगलवार को पीएमआई इलेक्ट्रो मॉबिलिटी सॉल्यूशन्स के प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री निवास पर मुलाकात कर कम समय में भूमि आवंटन की प्रक्रिया पूरी करने के लिए आभार व्यक्त किया।
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर कहा कि राज्य सरकार औद्योगिक विकास, रोजगार सृजन और बुनियादी सेवाओं के विस्तार के लिए निरंतर फैसले ले रही है। उन्होंने कहा कि यह प्लांट प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ‘मेक इन इंडिया’ संकल्प को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।
राजस्थान बनेगा इलेक्ट्रिक वाहन निर्माण का प्रमुख केंद्र
मुख्यमंत्री शर्मा ने कहा कि इस परियोजना से राज्य के औद्योगिक विकास को नई गति मिलेगी और इलेक्ट्रिक वाहन विनिर्माण क्षेत्र में राजस्थान देश का एक महत्वपूर्ण केंद्र बनकर उभरेगा। उन्होंने बताया कि प्रदेश के युवाओं को इलेक्ट्रो मोबिलिटी के क्षेत्र में प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा और उनके लिए प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार के भरपूर अवसर सृजित होंगे।
उन्होंने यह भी कहा कि ई-बसों के संचालन से ग्रीन एनर्जी और हरित परिवहन को बढ़ावा मिलेगा, जिससे शहरी परिवहन सेवाएं और अधिक सुगम होंगी।
कार्यक्रम में उपस्थित रहे अधिकारी
इस अवसर पर मुख्यमंत्री कार्यालय के उच्चाधिकारी सहित कंपनी के वरिष्ठ अधिकारी —
प्रबंध निदेशक सतीश कुमार जैन,
मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. आंचल जैन,
कार्यकारी निदेशक गजेन्द्र यादव,
निदेशक दीपांशु द्विवेदी, तथा
प्लांट हेड हरीश यादव उपस्थित रहे।
