लोक टुडे न्यूज नेटवर्क
सरकार मांग जल्द करे पूरी..नहीं तो दिल्ली कूच की चेतावनी…
भरतपुर। केंद्र ओबीसी वर्ग में आरक्षण की मांग को लेकर जाट समाज के द्वारा जयपुर – आगरा नेशनल हाईवे स्थित डहरा मोड़ पर हुंकार सभा का आयोजन किया गया। जिसमें भरतपुर ,डीग ,धौलपुर के जाटों ने बड़ी संख्या में भाग लिया। नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल भरतपुर सांसद संजना जाटव और धौलपुर सांसद भजनलाल जाटव हुंकार सभा में शामिल हुए। नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल ने केंद्र सरकार से मांग की है कि जाटों को केंद्र के ओबीसी वर्ग में आरक्षण देने चाहिए क्योंकि इनका हक है। उन्होंने सरकार को चेताते हुए कहा कि अगर उनकी मांग नहीं मानी गई तो दिल्ली कूच किया जाएगा।
नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल जाट समाज की हुंकार रैली में पहुंचे। जहां उन्होंने महापंचायत को संबोधित करते हुए कहा कि भरतपुर धौलपुर और डीग जिले के जाटों को केंद्र में ओबीसी वर्ग में आरक्षण का होना जरूरी है। भरतपुर की भूमि वीरों की भूमि रही है। इतिहास महाराजा सूरजमल का है या फिर शिवाजी महाराज का, अब हर हाल में आरक्षण को लेकर के रहेंगे मैं भरतपुर धौलपुर और डीग जिले के जाटों के साथ लड़ाई लड़ने के लिए तैयार हूं अब आरक्षण के लिए आरपार की लड़ाई होगी अब जाट भरतपुर के बजाए दिल्ली में कूच करेंगे।
भरतपुर सांसद संजना जाटव ने कहा कि मैं संसद में मुद्दा उठा चुकी हूं और जाट समाज के साथ कंधे से कंधा मिलाकर साथ खड़ी हूं और इस मुद्दे को मैं उठाती रहूंगी जब तक कि इन्हें आरक्षण नहीं मिल जाता।
हुंकार सभा के बाद जाट आरक्षण संघर्ष समिति के द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम जिला कलेक्टर को दिए गए ज्ञापन में बताया कि राजस्थान के जाटों को केंद्र में ओबीसी वर्ग में आरक्षण वर्ष 1998 में तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेई द्वारा राजस्थान के जाटों को राज्य व केंद्र में आरक्षण दिया गया। जबकि भरतपुर धौलपुर डीग को वंचित रखा गया। तीनों जिले के जाटों को राज्य की सेवाओं में आरक्षण मिला हुआ है जबकि केंद्र में आरक्षण नहीं है यह जाट समाज के युवाओं के साथ बड़ी विसंगति है कई बार आश्वासन दिया गया लेकिन अभी तक ओबीसी वर्ग की सूची में नहीं जोड़ा गया है।
हुंकार सभा को लेकर के जिला प्रशासन भी अलर्ट मोड पर रहा। सभा के चारों ओर बड़ी संख्या में पुलिस कर्मियों की तैनाती की गई थी।
हालांकि हुंकार सभा के दौरान बारिश ने व्यवधान पैदा कर दिया लेकिन इसके बावजूद भी लोग डटे रहे।
