लोक टुडे न्यूज नेटवर्क
हाईकोर्ट के आदेशों की उड़ाई जा रही धज्जियां
जोधपुर। जोधपुर शहर के एयरपोर्ट के निकट स्थित पाबूपुरा गांव में नायक समाज के लोग आजादी से पहले से निवास कर रहे हैं। समय के साथ इस भूमि को राजस्व रिकॉर्ड में सरकार की बजाय निजी भूमि के रूप में दर्ज कर दिया गया, जिसके बाद अब यह विवाद का विषय बन गया है।
जानकारी के अनुसार, खसरा नंबर 632 में करीब 416 बीघा भूमि शामिल है, जिस पर राजस्थान हाईकोर्ट ने पूर्व में ही किसी भी प्रकार के निर्माण कार्य पर रोक लगाने के आदेश दिए थे। इसके बावजूद कुछ प्रभावशाली व्यक्तियों और भू-माफियाओं द्वारा आदेशों की अवहेलना करते हुए निर्माण और कब्जे का कार्य जारी रखा गया है।
इस मामले में पुनः अवमानना याचिका दायर की गई, जिस पर हाईकोर्ट ने जोधपुर विकास प्राधिकरण (JDA) सहित कई अधिकारियों को नोटिस जारी करते हुए जवाब तलब किया। अदालत ने कहा कि “अदालत के आदेशों की अवहेलना अवमानना की श्रेणी में आती है”, लेकिन इसके बावजूद भी क्षेत्र में अवैध निर्माण जारी हैं।
नायक समाज के राष्ट्रीय अध्यक्ष भंवरलाल नायक ने इस मुद्दे पर मीडिया से सहयोग की अपील करते हुए कहा कि “गरीब और एससी-एसटी वर्ग के लोग जो दशकों से यहां निवास कर रहे हैं, उन्हें अपनी ही जमीन का पट्टा देने से वंचित किया जा रहा है। यहां तक कि समाज की श्मशान भूमि, धार्मिक स्थल और आम रास्तों पर भी भूमाफियाओं की नजर है।”
उन्होंने आगे कहा कि “यदि सरकार ने समय रहते कार्रवाई नहीं की तो नायक समाज बड़ा आंदोलन करने को भी तैयार है। सरकार को चाहिए कि वह प्रभावशाली लोगों पर सख्त कार्रवाई कर वंचितों को न्याय दिलाए।”
गौरतलब है कि खसरा नंबर 632 का क्षेत्र एयरपोर्ट और सैन्य क्षेत्र के निकट होने के कारण पहले से ही निर्माण प्रतिबंधित है, इसके बावजूद अवैध निर्माण कार्य जारी हैं, और कार्रवाई के नाम पर अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।