लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को हासिल करने में राजस्थान अग्रणी भूमिका निभा रहा है। इसके लिए राज्य सरकार जिला आधारित विकास मॉडल को प्राथमिकता देते हुए स्थानीय संसाधनों, आर्थिक संभावनाओं और विशिष्ट पहचान के आधार पर योजनाबद्ध विकास कर रही है।
मुख्यमंत्री निवास पर नीति आयोग के सदस्य प्रो. के.वी. राजू की उपस्थिति में आयोजित जिला घरेलू उत्पाद (डीडीपी) अनुमान विषयक बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि उद्योग, निवेश और सुशासन आधारित नीतियों के सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं। प्रदेश में 6 हजार से अधिक सक्रिय स्टार्टअप्स युवाओं को रोजगार और नवाचार के नए अवसर प्रदान कर रहे हैं।
प्रो. के.वी. राजू ने की राजस्थान मॉडल की सराहना
प्रो. के.वी. राजू ने राजस्थान को ‘अचीवर्स’ श्रेणी का राज्य बताते हुए कहा कि पेयजल, ग्रामीण विकास, पर्यटन, कृषि, खनन और सौर ऊर्जा के क्षेत्रों में प्रदेश में अपार संभावनाएं हैं। उन्होंने उच्च तकनीक आधारित डेटाबेस तैयार कर इन क्षेत्रों के योगदान को सकल राज्य घरेलू उत्पाद (जीएसडीपी) में शामिल करने पर जोर दिया।
स्थानीय उत्पादों को मिल रही नई पहचान
मुख्यमंत्री ने कहा कि असंगठित क्षेत्र के वार्षिक सर्वेक्षण के माध्यम से चूरू के हस्तशिल्प, भरतपुर के सरसों आधारित उद्यम और बांसवाड़ा-उदयपुर के जनजातीय उत्पादों को संगठित अर्थव्यवस्था से जोड़ा जा रहा है। इससे इन उत्पादों को सरकारी योजनाओं और वित्तीय सहायता का लाभ भी मिल रहा है।
‘वोकल फॉर लोकल’ को मिलेगा नया बल
उन्होंने बताया कि आकांक्षी उपखंडों में स्थानीय फसलों, उत्पादों और उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए प्रसंस्करण, भंडारण और विपणन की प्रभावी कार्ययोजना तैयार की जा रही है। इससे लघु, कुटीर और पारंपरिक उद्योगों को मजबूती मिलने के साथ रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।
गांव से वार्ड तक बनेगा विकास मास्टर प्लान
मुख्यमंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री विकसित ग्राम-शहरी वार्ड अभियान के तहत वर्ष 2030, 2035 और 2047 को ध्यान में रखते हुए गांवों और शहरी वार्डों के लिए स्थानीय जरूरतों के आधार पर विकास का मास्टर प्लान तैयार किया जा रहा है।
डिस्ट्रिक्ट डोमेस्टिक प्रोडक्ट पोर्टल होगा विकसित
उन्होंने बताया कि जिला स्तर पर आर्थिक गतिविधियों की सटीक निगरानी और मूल्यांकन के लिए डिस्ट्रिक्ट डोमेस्टिक प्रोडक्ट पोर्टल विकसित किया जाएगा। यह पोर्टल कृषि, पशुधन, डेयरी, सहकारिता, खनन और अन्य क्षेत्रों के आंकड़ों का वैज्ञानिक विश्लेषण करने में सहायक होगा।
मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि जिला आधारित विकास, डेटा आधारित नीति निर्माण, स्थानीय उद्यमों के सशक्तीकरण, निवेश संवर्धन और अक्षय ऊर्जा के क्षेत्र में किए जा रहे प्रयासों से राजस्थान विकसित राज्य बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ेगा और विकसित भारत 2047 के संकल्प को साकार करने में महत्वपूर्ण योगदान देगा।