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हनुमान बेनीवाल ने संसद में उठाया पिपलोदा बच्चों की मौत का मामला

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लोक टुडे न्यूज नेटवर्क।

सांसद चंद्रशेखर आजाद ,राजकुमार रोत और संजय सिंह ने दिया साथ

नई दिल्ली। झालावाड़ के पिपलोदा में सरकारी स्कूल की बिल्डिंग लेने से सात बच्चों की मौत का मामला आज लोकसभा में भी गूंजा। नागौर से सांसद हनुमान बेनीवाल ने लोकसभा की बेल में सांसद चंद्रशेखर आजाद सांसद राजकुमार रोड सांसद संजय सिंह के साथ यह मुद्दा उठाया।

सदन में और सदन के बाहर उठाया मुद्दा

हनुमान बेनीवाल ने आसन का ध्यान आकर्षित करते हुए कहा कि राजस्थान के झालावाड़ जिले में राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय पिपलोदा में जर्जर स्कूल की बिल्डिंग गिरने से सात मासूम बच्चों की मौत हो गई और 2  दर्जन से ज्यादा बच्चे घायल हुए।  राजस्थान सरकार और प्रशासन इस मामले को हादसा बताते हुए जिम्मेदारों को बचा रहा है। लेकिन यह हादसा नहीं सिस्टम की अनदेखी  से बच्चों की हत्या हुई है। बेनीवाल ने कहा कि किसी भी समाज और राष्ट्र का भविष्य उसके बच्चों पर निर्भर करता है।  बच्चों का भविष्य उनकी स्कूली शिक्षा पर टिका होता है । यह पवित्र स्थान है जहां पर बच्चा कल का जिम्मेदार नागरिक बनने की तैयारी करता है और हम स्कूल को उज्जवल भविष्य की आधारशाला मानते हैं।  लेकिन जब आधारशिला ही जर्जर और असुरक्षित हो, उस पर एक मजबूत भविष्य की इमारत कैसे खड़ी हो सकती है और यह घटना कोई अकेली या अप्रत्याशित दुर्घटना नहीं है, बल्कि यह भविष्य की इमारत कैसे खड़ी हो सकती है, देश में सरकारी स्कूलों की प्रणालिगत उपेक्षा और जर्जर हालत एक क्रूर प्रतीक  है। यह घटना इस बात को भी उजागर करती है कि हमारे बच्चे हर दिन अपनी जान जोखिम में डालकर शिक्षा का अधिकार प्राप्त करने की कोशिश कर रहे हैं । यह समस्या किसी एक राज्य तक सीमित नहीं है. बल्कि एक राष्ट्रीय संकट बन चुकी है।  देश में सरकार स्कूलों का संकट केवल कुछ इमारत के गिरने का नहीं है बल्कि यह व्यवस्था तक उदासीनता भ्रष्टाचार और जवाब दे ही की कमी के करण संकट है।  यह हमारे देश के भविष्य हमारे बच्चों की सुरक्षा  और उनकी उनके शिक्षा के अधिकार से सीधे तौर पर जुड़ा है । इस गंभीर स्थिति से निपटने के लिए तत्काल ठोस कदम उठाना जरूरी है ।संबंधित कलेक्टर के खिलाफ भी कार्रवाई करने की मांग की।  दिवंगत बच्चों के परिजनों को एक-एक करोड़ रूपया और घायलों के बच्चों को परिजनों को 50-50 लाख रुपए आर्थिक मदद देने की मांग की।

मरने वाले अधिकांश बच्चे दलित आदिवासी एक ओबीसी आपको बता दे की सात बच्चों की मौत हुई है जिनमें से पांच बच्चे अनुसूचित जाति एक बच्चा आदिवासी और एक बच्चा ओबीसी कर चुका है यही कारण है कि राजस्थान सरकार ने उनको 10-10 लाख दिवंगत होने पर उनके परिजनों को सहायता दी है बेनीवाल का आरोप है। बेनीवाल का आरोपी की सरकार आर्थिक मदद भी लोगों की जाति और धर्म  देखकर करती है। 

  

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