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भाजपा की जीत में संगठन महामंत्री अजेय कुमार की अहम भूमिका

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लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क

मुख्यमंत्री ने संभाला प्रचार और जनसंपर्क का मोर्चा, अजेय कुमार ने बूथ तक मजबूत किया संगठन

जयपुर। जयपुर नगर निगम चुनाव में भारतीय जनता पार्टी ने 150 में से 78 वार्डों में जीत दर्ज कर बहुमत हासिल किया। कांग्रेस को 53 और निर्दलीय प्रत्याशियों को 15 वार्डों में जीत मिली। पूरे राजस्थान में भी भाजपा को बंपर सफलता मिली है इसमें कहीं ना कहीं अजेय कुमार की भूमिका रही है.

भाजपा की इस सफलता में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने जहां चुनाव प्रचार और जनसंपर्क का मोर्चा संभाला, वहीं संगठन महामंत्री अजेय कुमार ने संगठन को वार्ड से लेकर बूथ स्तर तक सक्रिय रखने पर फोकस किया। चुनाव से पहले ही अजेय कुमार ने संगठन की जमीनी स्थिति को समझने के लिए वार्ड और बूथ स्तर से फीडबैक लेने की प्रक्रिया पर जोर दिया था। नगर निकाय चुनाव की तैयारियों को लेकर भाजपा की बैठकों में भी वार्ड प्रभारियों की नियुक्ति, बूथ स्तर की मॉनिटरिंग और कार्यकर्ताओं के बीच बेहतर समन्वय पर जोर दिया गया था।

पहले जमीनी फीडबैक, फिर जिम्मेदारियां

चुनावी रणनीति में अजेय कुमार की भूमिका का एक प्रमुख पहलू जमीनी फीडबैक को माना जा रहा है। वार्डवार संगठन की स्थिति, बूथ स्तर पर कार्यकर्ताओं की सक्रियता, मतदाता संपर्क और जहां संगठनात्मक समन्वय की जरूरत थी, वहां की जानकारी जुटाकर उसके आधार पर जिम्मेदारियां तय की गईं।

इसमें मंडल, शक्ति केंद्र और बूथ स्तर के कार्यकर्ताओं को चुनावी अभियान से जोड़ने पर विशेष ध्यान दिया गया। कमजोर कड़ियों को चिह्नित कर वहां संगठनात्मक सक्रियता बढ़ाने की कोशिश की गई।

बूथ बना रणनीति का केंद्र

भाजपा की चुनावी तैयारियों में बूथ प्रबंधन को महत्वपूर्ण स्थान दिया गया। प्रत्येक वार्ड में बूथ स्तर की स्थिति की जानकारी लेकर स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप कार्यकर्ताओं की भूमिका तय की गई। चुनाव के दौरान बूथ स्तर से मिलने वाले फीडबैक का इस्तेमाल स्थानीय रणनीति और समन्वय में किया गया।

अजेय कुमार के संगठनात्मक प्रबंधन में मंडल और शक्ति केंद्रों के माध्यम से बूथ टीमों के साथ लगातार संपर्क बनाए रखने पर जोर रहा। इससे प्रदेश स्तर पर बनाई गई चुनावी रणनीति को स्थानीय स्तर तक पहुंचाने की कोशिश की गई।

मुख्यमंत्री का प्रचार, संगठन का बूथ मैनेजमेंट

चुनाव अभियान में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की सक्रियता भी भाजपा के प्रचार अभियान का प्रमुख हिस्सा रही। स्थानीय निकाय चुनावों में मुख्यमंत्री के प्रचार अभियान और पार्टी संगठन की बूथ स्तर की तैयारियों को अलग-अलग स्तरों पर संचालित किया गया।

एक ओर मुख्यमंत्री ने जनसभाओं, रोड शो और जनसंपर्क के जरिए चुनावी माहौल बनाया, वहीं संगठन ने कार्यकर्ताओं को वार्ड और बूथ स्तर पर सक्रिय रखने का काम किया। इस तरह राजनीतिक नेतृत्व के प्रचार अभियान और संगठनात्मक मशीनरी के बीच समन्वय दिखाई दिया।

कमजोर कड़ियों पर रही नजर

अजेय कुमार ने राजस्थान भाजपा के संगठन महामंत्री का पद संभालने के बाद संगठनात्मक गतिविधियों, कार्यकर्ता प्रबंधन और बूथ स्तर की मजबूती को प्राथमिकता दी है। इससे पहले वे उत्तराखंड भाजपा में भी संगठन महामंत्री की जिम्मेदारी संभाल चुके हैं।

जयपुर नगर निगम चुनाव में भी संगठन की कमजोर कड़ियों को पहचानकर वहां अतिरिक्त सक्रियता बढ़ाने, वरिष्ठ नेताओं को जिम्मेदारियां सौंपने और स्थानीय कार्यकर्ताओं के बीच बेहतर तालमेल बनाने पर जोर दिया गया।

वार्ड से बूथ तक पहुंची रणनीति

जयपुर के चुनावी परिणामों के बाद भाजपा के संगठनात्मक प्रबंधन में वार्ड और बूथ स्तर की तैयारियों की भूमिका चर्चा में है। चुनाव से पहले की गई तैयारियों में केवल बड़े नेताओं के प्रचार पर निर्भर रहने के बजाय संगठन के स्थानीय नेटवर्क को सक्रिय रखने पर जोर रहा।

भाजपा की 78 वार्डों में जीत ने पार्टी को जयपुर नगर निगम में स्पष्ट बहुमत दिलाया। ऐसे में चुनावी प्रचार के साथ संगठन की बूथवार तैयारी, कार्यकर्ताओं की सक्रियता और जमीनी फीडबैक को भी पार्टी के चुनावी प्रबंधन के महत्वपूर्ण हिस्सों के रूप में देखा जा रहा है।

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