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डबल इंजन सरकार की योजनाओं के केंद्र में युवा, महिला, किसान और गरीब : मुख्यमंत्री

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लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क

संबल सखी और माय भारत वॉलिंटियर्स को बताया सरकार और जनता के बीच महत्वपूर्ण कड़ी

जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत-विकसित राजस्थान के संकल्प को साकार करने के लिए राज्य सरकार पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि राजस्थान की युवा और महिला शक्ति प्रदेश की सबसे बड़ी ताकत है और इनके सहयोग से राजस्थान को देश का अग्रणी राज्य बनाया जा सकता है।

मुख्यमंत्री बुधवार शाम मुख्यमंत्री निवास पर आयोजित संबल सखी एवं माय भारत वॉलिंटियर्स संवाद कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की विकास योजनाओं के केंद्र में युवा, महिला, किसान और गरीब हैं तथा इन वर्गों के उत्थान, कल्याण और सम्मान के लिए लगातार कार्य किया जा रहा है।

योजनाओं की जानकारी आमजन तक पहुंचाने का आह्वान

मुख्यमंत्री ने युवाओं से अपील की कि वे सरकार और आमजन के बीच मजबूत कड़ी बनकर कार्य करें तथा जनकल्याणकारी योजनाओं, डिजिटल सेवाओं, ई-गवर्नेंस, डिजिटल भुगतान और तकनीकी सुविधाओं की जानकारी जरूरतमंद लोगों तक पहुंचाएं ताकि अधिक से अधिक नागरिक सरकारी योजनाओं का लाभ उठा सकें।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में वर्ष 2014 के बाद देश में महिला सशक्तिकरण की दिशा में कई महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं। बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान से लिंगानुपात में सुधार हुआ, उज्ज्वला योजना से महिलाओं को धुएं से राहत मिली और जनधन खातों के माध्यम से योजनाओं का लाभ सीधे लाभार्थियों तक पहुंचा।

महिलाओं और बेटियों के लिए विशेष प्रयास

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना के माध्यम से महिलाओं को घरों का स्वामित्व मिला है। वहीं, नारी शक्ति वंदन अधिनियम के जरिए महिलाओं को राजनीतिक भागीदारी में अधिक अवसर दिए गए हैं।

उन्होंने बताया कि राज्य सरकार बेटियों की शिक्षा को प्रोत्साहित करने के लिए विभिन्न योजनाएं संचालित कर रही है तथा छात्राओं को प्रोत्साहन स्वरूप दी जाने वाली स्कूटी के लिए अब सीधे उनके बैंक खातों में राशि हस्तांतरित करने की व्यवस्था की गई है।

जल और ऊर्जा क्षेत्र में बड़े कदम

मुख्यमंत्री ने कहा कि राजस्थान के विकास के लिए सबसे पहले जल उपलब्धता सुनिश्चित करने की दिशा में कार्य किया गया है। राम जल सेतु लिंक परियोजना, यमुना जल समझौता, देवास परियोजना विस्तार, इंदिरा गांधी नहर परियोजना (आईजीएनपी) और गंग नहर सुदृढ़ीकरण सहित कई प्रमुख परियोजनाओं पर कार्य जारी है।

ऊर्जा क्षेत्र का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि वर्ष 2027 तक प्रदेश को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। किसानों को दिन में बिजली उपलब्ध कराने की योजना के तहत अब तक 26 जिलों में यह सुविधा शुरू की जा चुकी है।

रोजगार और निवेश पर जोर

मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में 4 लाख सरकारी नौकरियां देने के लक्ष्य के तहत अब तक सवा लाख से अधिक युवाओं को नियुक्ति पत्र प्रदान किए जा चुके हैं।

उन्होंने कहा कि राइजिंग राजस्थान निवेश सम्मेलन के माध्यम से प्रदेश में 35 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए, जिनमें से लगभग 9 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव धरातल पर उतर चुके हैं। इससे निजी क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर सृजित हो रहे हैं।

युवा बनें रोजगार प्रदाता

मुख्यमंत्री ने युवाओं से केवल रोजगार तलाशने के बजाय रोजगार सृजित करने की दिशा में आगे बढ़ने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि कृषि आधारित प्रसंस्करण उद्योगों में राजस्थान में अपार संभावनाएं हैं और युवा इस क्षेत्र में निवेश कर किसानों तथा अन्य लोगों को रोजगार उपलब्ध करा सकते हैं।

उन्होंने बताया कि राजस्थान देश के अग्रणी दुग्ध उत्पादक राज्यों में शामिल है तथा सरकार दूध संकलन केंद्रों और प्रसंस्करण इकाइयों का विस्तार कर रही है। साथ ही पशुपालकों को प्रति लीटर दूध पर 5 रुपये का अनुदान दिया जा रहा है।

किसानों के लिए विभिन्न योजनाएं

मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा दी जा रही 6 हजार रुपये की किसान सम्मान निधि के अतिरिक्त राज्य सरकार भी किसानों को 3 हजार रुपये की अतिरिक्त सहायता प्रदान कर रही है। इसके अलावा गेहूं की न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर 150 रुपये प्रति क्विंटल बोनस भी दिया जा रहा है।

नशामुक्त और पर्यावरण संरक्षण पर जोर

मुख्यमंत्री ने नशामुक्त राजस्थान के संकल्प को दोहराते हुए कहा कि युवाओं को नशे से दूर रखने के लिए व्यापक जनजागरण की आवश्यकता है, जिसमें महिलाओं की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है।

उन्होंने जल संरक्षण और पर्यावरण संरक्षण को वर्तमान समय की सबसे बड़ी आवश्यकता बताते हुए कहा कि राज्य सरकार वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान के माध्यम से जल स्रोतों के संरक्षण और वर्षा जल संचयन को जन आंदोलन का रूप दे रही है। साथ ही बड़े स्तर पर पौधारोपण अभियान भी संचालित किए जा रहे हैं।

कार्यक्रम के दौरान बड़ी संख्या में उपस्थित संबल सखी और माय भारत वॉलिंटियर्स ने राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं के लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया।

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