लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
जयपुर। देवस्थान मंत्री जोराराम कुमावत ने विधानसभा में कहा कि देवस्थान विभाग द्वारा प्रबंधित एवं नियंत्रित 938 राजकीय मंदिर और देवालय आमजन के दर्शनों के लिए खुले हैं। पिछले दो वर्षों में कोई भी मंदिर बंद नहीं रहा है।
प्रश्नकाल के दौरान विधायक श्रीचन्द कृपलानी के पूरक प्रश्नों के उत्तर में मंत्री ने बताया कि भीलवाड़ा के मांडल स्थित देवनारायण मंदिर देवस्थान विभाग के अधीन नहीं है। रिसीवरी में लेने के बाद सुरक्षा कारणों से वहां दीवार ऊंची कर गेट पर ताला लगाया गया है। इस संबंध में मामला भीलवाड़ा न्यायालय में विचाराधीन है। प्रथम सुनवाई 16 मई 2024 को हुई थी और अगली सुनवाई 10 मार्च 2026 को निर्धारित है। अब तक 16 बार सुनवाई हो चुकी है। राज्य सरकार कोर्ट के निर्णय की पालना करेगी।
मंत्री कुमावत ने बताया कि विभाग के अंतर्गत 390 राजकीय प्रत्यक्ष श्रेणी, 203 आत्मनिर्भर श्रेणी और 343 सुपुर्द श्रेणी के मंदिर हैं। इसके अलावा मंदिर मंडल अधिनियम के तहत टेंपल बोर्ड के 2 मंदिर भी हैं। इन सभी मंदिरों की व्यवस्था, नियंत्रण और जीर्णोद्धार का कार्य विभाग द्वारा किया जाता है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि देवस्थान विभाग के अधीन कोई भी राजकीय मंदिर/देवालय दो वर्ष से अधिक समय से बंद नहीं है और सभी मंदिर निर्धारित समयानुसार आमजन के लिए खुले रहते हैं।
