लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
भरतपुर। चिकसाना गांव स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में चिकित्सक की लेट-लतीफी को लेकर ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। नाराज ग्रामीणों ने विरोध जताते हुए अस्पताल के मुख्य गेट को बंद कर दिया।
ग्रामीणों का आरोप है कि अस्पताल में पहले से ही चिकित्सकों की कमी है और यहां कार्यरत एकमात्र चिकित्सक भी समय पर नहीं आती हैं, जिससे मरीजों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। जब ग्रामीण मरीजों को लेकर अस्पताल पहुंचे और चिकित्सक मौजूद नहीं मिलीं तो उनका आक्रोश बढ़ गया और उन्होंने अस्पताल का गेट बंद कर विरोध जताया।
बताया जा रहा है कि जब चिकित्सक अस्पताल पहुंचीं तो मुख्य गेट बंद देखकर चौंक गईं। इस दौरान उन्होंने अपनी पहचान छुपाते हुए स्वयं को अन्य स्टाफ बताकर अस्पताल में प्रवेश कर लिया। बाद में अस्पताल का अन्य स्टाफ मौके पर पहुंचा और गेट खोलकर व्यवस्था सामान्य कराई।
स्थानीय निवासी पवन कुमार ने बताया कि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में डॉक्टरों की पहले से ही कमी है। यहां केवल एक ही चिकित्सक कार्यरत है, जिनका आने-जाने का समय नियमित नहीं रहता। मरीजों को पहले ओपीडी पर्ची दे दी जाती है और फिर उन्हें डॉक्टर के आने का इंतजार करना पड़ता है।
ग्रामीणों के अनुसार चिकित्सक अक्सर सुबह करीब 11 बजे अस्पताल पहुंचती हैं और दोपहर लगभग 12:30 बजे तक चली जाती हैं, जबकि उनका निर्धारित समय सुबह 9 बजे से दोपहर 3 बजे तक का है। शनिवार को भी सुबह 10 बजे तक डॉक्टर के नहीं आने पर ग्रामीणों ने स्टाफ से बात की, लेकिन संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर उन्होंने अस्पताल का मुख्य गेट बंद कर दिया।
ग्रामीणों ने इस मामले में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) से जांच कर कार्रवाई करने की मांग की है।