लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
भीलवाड़ा (पंकज पोरवाल)।
भीलवाड़ा विधायक अशोक कोठारी ने मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा को पत्र लिखकर उन बेटियों के पैतृक संपत्ति में मिलने वाले अधिकारों (विरासत) पर नियंत्रण लगाने की मांग की है जो माता-पिता की सहमति के बिना अन्य समुदाय/समाज में विवाह कर लेती हैं। उन्होंने पत्र में बताया है कि इस तरह के मामलों से संपत्ति विवाद और राजस्व/न्यायालयों में झगड़े बढ़ रहे हैं।
विधायक ने कहा है कि कई बार जब ऐसी लड़कियों को पुलिस द्वारा बरामद कर मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किया जाता है, तो वे माता-पिता को पहचानने से इनकार कर देती हैं या उनके साथ जाने से मना कर देती हैं। उनके तर्क के अनुसार, ऐसी स्थिति में यदि माता-पिता की मृत्यु हो जाए तो वह बेटी वारिस के रूप में नामांकन करा देती है और बाद में संपत्ति बेचकर विवाद खड़ा कर देती है।
कोठारी ने अपने पत्र में यह भी लिखा कि बढ़ते पाश्चात्य संस्कृति के प्रभाव व समाज में रिश्तों की मर्यादा बचाने के उद्देश्य से इस तरह के मामलों में विरासत के नामांतरण पर रोक लगाने की आवश्यकता है। उन्होंने ऐसा कानून बनने से कथित तौर पर “लव जिहाद” व संपत्ति के लालच में फंसाने जैसी घटनाओं पर भी अंकुश लगाने का दावा किया है।
विधायक ने उदाहरण के तौर पर गुजरात सरकार द्वारा बनाए गए कानून का हवाला देते हुए कहा कि राजस्थान में भी इस तरह के विधिक परीक्षण कराकर आवश्यक कानून लागू किये जाने चाहिए। उन्होंने मुख्यमंत्री से पत्र में वर्णित मामलों पर गंभीरता से विचार कर आवश्यक कानूनी कदम उठाने का अनुरोध किया है।
