लोक टुडे न्युज़ नेटवर्क
सेमारी (सलूंबर), 28 अक्टूबर (लोक टुडे न्यूज नेटवर्क)।
सेमारी उपखंड क्षेत्र में बेमौसम बारिश का दौर मंगलवार को दूसरे दिन भी जारी रहा। सोमवार सुबह शुरू हुई रिमझिम और तेज बारिश ने जनजीवन को प्रभावित कर दिया है। बीती रात 1 बजे से लेकर सुबह 5 बजे तक लगातार रुक-रुक कर हुई वर्षा से खेतों में पानी भर गया, जिससे कटी हुई फसलें और पशुओं का चारा पानी में डूब गया।
खेतों में पानी भरने से फसलें डूबीं
जानकारी के अनुसार सेमारी सहित आसपास के दर्जनभर गांवों में भारी बारिश दर्ज की गई। खेतों में खरीफ की फसलों को नुकसान पहुंचा है, वहीं रबी की बुवाई पर भी संकट गहराने लगा है।
किसानों ने बताया कि अचानक हुई इस बारिश से तैयार फसलें गलने लगीं और खेतों में जमा पानी के कारण नई बुवाई का कार्य भी रुक गया। इस वजह से किसानों के चेहरों पर मायूसी और चिंता साफ झलक रही है।
सड़कों पर जलभराव, आवागमन बाधित
तेज बारिश के कारण सेमारी–कुंडा रोड पर सड़कड़ी मोड़ के पास सड़क पर बने खड्डों और निकासी व्यवस्था के अभाव के चलते पानी भर गया। इससे वाहन चालकों और राहगीरों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। स्थानीय लोगों ने बताया कि इस मोड़ पर हर वर्ष पानी भरने से बाइक सवार फिसलकर घायल हो जाते हैं।
कस्बे में छाया सन्नाटा, ठंड ने बढ़ाई परेशानी
तेज बारिश के साथ ठंडी हवाओं ने मौसम में ठिठुरन बढ़ा दी। सेमारी कस्बे की सड़कों और नालियों में पानी बह निकला। लोग छाता लेकर बाजार पहुंचे, लेकिन बारिश और ठंड के कारण दिनभर बाजारों में सन्नाटा पसरा रहा।
किसानों की चिंता बढ़ी
लगातार हो रही इस असमय बारिश ने किसानों के लिए मुसीबत खड़ी कर दी है।
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खरीफ की फसल को नुकसान,
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रबी की बुवाई पर संकट,
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और पशुओं के लिए चारे की कमी —
इन सब कारणों से किसान अब सरकार से राहत और सहायता की उम्मीद कर रहे हैं।