लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
रिपोर्ट: सत्यनारायण सेन, गुरला
गुरला। क्षेत्र के गुरला में दशा माता का पावन पर्व शुक्रवार को श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाया गया। रामदेव मंदिर स्थित पिपली, कालिका माता टंकी के पास तथा शिवनगर स्थित मंडी क्षेत्र में बड़ी संख्या में महिलाओं ने एकत्रित होकर पिपल वृक्ष की पूजा-अर्चना की और दशा माता की कहानियां सुनकर परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की।
इस अवसर पर महिलाओं ने अटूट श्रद्धा के साथ अखंड व्रत रखा और सामूहिक रूप से धार्मिक अनुष्ठान संपन्न किए। रामदेव मंदिर के पास बड़ी संख्या में एकत्रित महिलाओं ने विधि-विधान के साथ माता रानी की पूजा-अर्चना की।
गंगाजल और पंचामृत से अभिषेक, सुनी दशा माता की कथा
पूजन के दौरान महिलाओं ने पिपल माता के श्रीचरणों में गंगाजल और पंचामृत अर्पित किया। इसके बाद विभिन्न प्रकार के पकवानों और मिठाइयों का भोग लगाया गया। अखंड दीप प्रज्वलित कर मंत्रोच्चार के साथ पूजा-पाठ किया गया तथा दशा माता के इतिहास और कथा का वाचन किया गया।
पिपल वृक्ष की परिक्रमा कर मांगी सुख-समृद्धि
परंपरा के अनुसार महिलाओं ने पिपल के वृक्ष को दशा माता का स्वरूप मानकर उसकी पूजा की। कच्चे सूत के धागे से पिपल वृक्ष की परिक्रमा करते हुए धागा बांधा और परिवार तथा क्षेत्र की सुख-समृद्धि की कामना की। साथ ही महिलाएं पिपल की छाल को धन के प्रतीक के रूप में घर लेकर गईं। दशा माता के थानक पर दस दिनों तक कथा कहने और सुनने की परंपरा भी निभाई जाती है।
ढोल की थाप पर गूंजे भक्ति गीत
पूजा के बाद महिलाओं ने माता रानी के पवित्र धागे (बेल) को धूप दिखाकर श्रद्धापूर्वक गले में धारण किया और चरणामृत ग्रहण किया। इस दौरान ढोल की थाप पर महिलाओं ने मंगल गीत गाए और भक्ति भाव से नृत्य किया।
इस धार्मिक आयोजन में कंचन देवी सेन, रेखा देवी, मीरा देवी सेन, मधु देवी, उषा देवी, पायल सेन सहित कई महिलाएं उपस्थित रहीं।
