लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
100 दिन में बदलें शहरों की सूरत, दीपावली से पहले सड़क-सफाई के काम पूरे करने के निर्देश
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने महापौर, सभापति और अध्यक्षों से किया संवाद; सफाई, सड़क, स्ट्रीट लाइट, सीवरेज और सौंदर्यीकरण पर फोकस
जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने सोमवार को मुख्यमंत्री निवास पर नवनिर्वाचित नगरीय निकाय प्रमुखों के साथ शहरों के विकास और बुनियादी सुविधाओं को लेकर 100 दिन के रोडमैप पर संवाद किया। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि दीपावली से पहले सड़क, सफाई, बिजली, स्ट्रीट लाइट, सीवरेज, नालियों, रंग-रोगन और सौंदर्यीकरण से जुड़े जरूरी काम एक माह में पूरे किए जाएं।
100 दिन में दिखना चाहिए बदलाव
मुख्यमंत्री ने कहा कि शहरों में आमजन को बेहतर सुविधाएं देने के लिए विकास कार्य योजनाबद्ध तरीके से किए जाएं। सफाई और कचरा संग्रहण से लेकर जलभराव, टूटी सड़कों, स्ट्रीट लाइट, पार्कों के रखरखाव, आवारा पशुओं, अतिक्रमण और सीवरेज जैसी समस्याओं का स्थानीय स्तर पर तेजी से समाधान किया जाए।
उन्होंने निकाय प्रमुखों से कहा कि 100 दिन बाद शहर की तस्वीर में बदलाव नजर आना चाहिए। इसके लिए वे नियमित रूप से क्षेत्र का दौरा करें, अधिकारियों के साथ समन्वय रखें और विकास कार्यों की गुणवत्ता तथा समयसीमा की निगरानी करें।
निकाय का पद नहीं, जनसेवा का मिशन
मुख्यमंत्री ने कहा कि नगरीय निकायों में प्रतिनिधित्व केवल पद हासिल करना नहीं, बल्कि जनसेवा की जिम्मेदारी है। जनप्रतिनिधियों को नागरिकों की समस्याओं के प्रति संवेदनशील रहते हुए काम करना होगा।
उन्होंने कहा कि जनता ने विकास की उम्मीद के साथ शहरी सरकार चुनी है। इसलिए योजनाएं कागजों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि उनका असर जमीन पर दिखाई देना चाहिए।
पूरे शहर की जरूरत के हिसाब से बने योजनाएं
मुख्यमंत्री ने पार्षदों से वार्ड की सीमाओं से ऊपर उठकर पूरे शहर के विकास की सामूहिक सोच के साथ काम करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि सड़क और सीवरेज जैसी सुविधाओं की योजना केवल वार्डवार नहीं, बल्कि पूरे शहर की जरूरतों को ध्यान में रखकर बनाई जानी चाहिए।
उन्होंने नगरीय निकायों में चरणबद्ध विकास योजना तैयार करने पर भी जोर दिया।
आय बढ़ाएं, वित्तीय प्रबंधन मजबूत करें
मुख्यमंत्री ने नगरीय निकायों की आर्थिक स्थिति मजबूत करने पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि निकाय अपनी आय बढ़ाने के साथ वित्तीय संसाधनों का बेहतर प्रबंधन करें।
साथ ही पारदर्शिता और जवाबदेही के साथ काम करने तथा भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाने के निर्देश दिए।
केंद्र की योजनाओं का शहरों को मिले लाभ
मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार ने शहरों को आधुनिक और सुविधाजनक बनाने के लिए स्वच्छ भारत मिशन, प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी, अमृत योजना और स्मार्ट सिटी मिशन जैसी योजनाएं संचालित की हैं। राज्य सरकार इन योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के साथ शहरी सुविधाओं को और मजबूत करने पर काम कर रही है।
उन्होंने बताया कि शहरी क्षेत्रों में जरूरतमंद परिवारों को अकुशल श्रमिक के रूप में 125 दिवस का रोजगार उपलब्ध कराया जा रहा है। वहीं 188 नगरीय निकायों में एफएसटीपी स्थापित किए गए हैं और निशुल्क डीस्लजिंग सेवा उपलब्ध कराई जा रही है। सुनियोजित शहरी विकास के लिए विकसित वार्ड अभियान भी संचालित किया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य राजस्थान के शहरों में बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराकर उन्हें विश्वस्तरीय मानकों के अनुरूप विकसित करना है और इसके लिए नगरीय निकायों को आवश्यक सहयोग दिया जाएगा।
बैठक में नगरीय विकास एवं स्वायत्त शासन मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) झाबर सिंह खर्रा, नगर निगमों के महापौर, मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास सहित संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। उप महापौर, सभापति, उप सभापति, अध्यक्ष और उपाध्यक्ष वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बैठक से जुड़े।