लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
चौमहला, झालावाड़। झालावाड़ जिले के चौमहला और आसपास के ग्रामीण इलाकों में सोमवार सुबह मौसम का बदला मिजाज लोगों के लिए हैरानी का कारण बन गया। तड़के करीब 5 बजे तक पूरा सीमावर्ती क्षेत्र घने कोहरे की सफेद चादर में लिपटा रहा। सितंबर में आमतौर पर उमस, गर्मी या बारिश का मौसम रहने के बीच अचानक घना कोहरा छाने से स्थानीय लोग मौसम के इस बदलाव को लेकर असमंजस में नजर आए।
कुछ मीटर तक सिमटी दृश्यता, सड़कों पर धीमी हुई रफ्तार
सुबह करीब 4 से 5 बजे के बीच कोहरे का घनत्व इतना अधिक रहा कि कई स्थानों पर दृश्यता कुछ मीटर तक सिमट गई। मुख्य मार्गों के साथ ग्रामीण सड़कों पर भी वाहन चालकों को बेहद सावधानी से सफर करना पड़ा। कई चालकों ने दिन निकलने के बावजूद हेडलाइट जलाकर वाहनों को धीमी गति से आगे बढ़ाया।
घने कोहरे का असर दोपहिया वाहनों, बसों और अन्य यातायात साधनों की रफ्तार पर भी दिखाई दिया। कम दृश्यता के कारण लोगों को रास्ते में अतिरिक्त सावधानी बरतनी पड़ी।
खेतों और काम पर जाने वाले लोगों को परेशानी
सुबह-सुबह खेतों और कामकाज के लिए निकलने वाले किसान, मजदूर और दिहाड़ी श्रमिक भी मौसम के इस बदलाव से प्रभावित हुए। कोहरे के कारण रास्ता साफ दिखाई नहीं देने से उन्हें अपने गंतव्य तक पहुंचने में परेशानी का सामना करना पड़ा।
सितंबर में कोहरा बना चर्चा का विषय
स्थानीय लोगों के अनुसार, इस तरह का घना कोहरा सामान्यत: नवंबर-दिसंबर के दौरान देखने को मिलता है। सितंबर में अचानक ऐसी स्थिति बनने से मौसम का यह बदलाव चर्चा का विषय बना हुआ है।
मौसम में आए इस बदलाव के पीछे हवा में बढ़ी नमी और तापमान में आई आंशिक गिरावट को संभावित कारण माना जा रहा है। हालांकि, कोहरे की वास्तविक स्थिति और इसके कारणों को लेकर स्थानीय स्तर पर मौसम विभाग की आधिकारिक जानकारी का इंतजार रहेगा।
अचानक बदले मौसम ने लोगों को स्वास्थ्य को लेकर भी सतर्क कर दिया है। घने कोहरे और कम दृश्यता के बीच वाहन चालकों से सावधानी बरतने की अपील की जा रही है।
