लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
घांची समाज के बोराणा परिवार की परंपरागत 10 बैलगाड़ियों वाली शोभायात्रा
सिरोही (पिण्डवाड़ा)।
घांची समाज के बोराणा परिवार ने पिण्डवाड़ा क्षेत्र में सादगी, अनुशासन और सांस्कृतिक गौरव का अद्भुत उदाहरण पेश करते हुए अपने पारिवारिक समारोह को अविस्मरणीय बना दिया। भैराराम बोराणा ने अपने पुत्र का विवाह पूरी मारवाड़ी परंपरा और विधि-विधान के साथ संपन्न कराया, जिसमें आधुनिक तड़क-भड़क को दरकिनार कर सांस्कृतिक विरासत को सर्वोपरि रखा गया।
इस विवाह का मुख्य आकर्षण बनी 10 बैलगाड़ियों से सजी पारंपरिक बारात, जिसने पूरे क्षेत्र में उत्साह का माहौल बना दिया। गांव की गलियों से गुजरती इस अनूठी बारात में ढोल-नगाड़ों की थाप, लोकधुनों की मिठास और पारंपरिक वेशभूषा में सजे बारातियों का दृश्य देखने लायक था। राह में हजारों ग्रामीण उमड़ पड़े और उन्होंने बारात का गर्मजोशी से स्वागत किया।
ग्रामीणों व सामाजिक प्रतिनिधियों ने बोराणा परिवार की इस पहल को सांस्कृतिक धरोहर को संजोने की दिशा में प्रेरणादायक कदम बताया। परिवार ने बिना किसी भव्य खर्च के, सादगी और गरिमा के साथ विवाह आयोजन कर यह संदेश दिया कि संस्कृति और परंपरा ही समाज की वास्तविक पहचान हैं।
इस अनोखी बारात ने पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बनकर लोगों को अपनी जड़ों से जुड़े रहने की प्रेरणा दी।