लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
गौसेवा को बताया सनातन धर्म की पहली सीढ़ी
उनियारा/टोंक (दुर्योधन मयंक)। राम नवमी के पावन अवसर पर टोंक शहर में सेवा और श्रद्धा का अनूठा संगम देखने को मिला। सेवा भावी संगठन अखिल भारतीय वैश्य महासम्मेलन द्वारा स्थानीय श्री गांधी गोशाला में 45वीं मासिक गोसेवा का आयोजन किया गया।
गुड़ और हरे चारे से की गौसेवा
युवा शहर अध्यक्ष राजू सायवाड़ के अनुसार, भगवान श्रीराम के प्राकट्य उत्सव के उपलक्ष्य में आयोजित इस कार्यक्रम में वैश्य समाज के सदस्यों ने
- गौवंश को गुड़ और हरा चारा खिलाकर सेवा की
- गौशाला में सामूहिक रूप से सेवा कार्य किया

“गौसेवा सनातन धर्म की पहली सीढ़ी”
समाजसेवी बृजमोहन गुप्ता ने कहा कि:
“हर सनातनी को अपने जीवन में गौसेवा को नियम बनाना चाहिए। गोमाता की सेवा से सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं।”
आयोजन में समाज की सक्रिय भागीदारी
कार्यक्रम संयोजक अमित अग्रवाल और आर्यन खंडेलवाल ने सभी उपस्थित वैश्य समाज के सदस्यों का आभार व्यक्त किया।
इस अवसर पर कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे, जिनमें प्रमुख रूप से:
- अध्यक्ष भगवान भंडारी
- संरक्षक भगवान दास अजमेरा
- प्रकाश जैन
- कोषाध्यक्ष अमित अग्रवाल
- युवाध्यक्ष राजू सायवाड़
- युवा महामंत्री आर्यन खंडेलवाल
- महिला संयोजिका अलका भंडारी
- अवनति जैन, ममता अग्रवाल सहित अन्य सदस्य
रामनवमी के अवसर पर आयोजित यह गोसेवा कार्यक्रम न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक रहा, बल्कि समाज में सेवा, संस्कार और एकता का संदेश भी देता नजर आया।