लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
जयपुर। जयपुर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राजस्थान में महिला एवं बाल विकास क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण योजनाओं के माध्यम से बड़े स्तर पर प्रगति दर्ज की गई है। राज्य सरकार का फोकस महिलाओं के सशक्तीकरण, बाल पोषण, शिक्षा और सामाजिक सुरक्षा पर केंद्रित रहा है।
मातृ एवं शिशु कल्याण में बड़ी उपलब्धि
- प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के तहत 11 लाख 52 हजार से अधिक गर्भवती महिलाएं लाभांवित हुईं
- इस योजना में देशभर में राजस्थान ने जनवरी 2026 में प्रथम और फरवरी 2026 में द्वितीय स्थान प्राप्त किया
- अब तक 553 करोड़ रुपये सीधे लाभार्थियों के खातों में हस्तांतरित किए गए
इसके साथ ही मुख्यमंत्री मातृत्व पोषण योजना के तहत भी लाखों लाभार्थियों को पोषण सहायता दी गई है।

आंगनबाड़ी केंद्रों का सशक्तिकरण
प्रदेश में बच्चों के पोषण और प्रारंभिक शिक्षा को मजबूत करने के लिए:
- 6,200 से अधिक मिनी आंगनबाड़ी केंद्रों का उन्नयन
- 2,365 आदर्श आंगनबाड़ी केंद्रों का विकास
- हजारों आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को स्मार्टफोन उपलब्ध
- वजन और लंबाई मापने की आधुनिक मशीनें स्थापित
साथ ही बच्चों को पोषण और शिक्षा के लिए कई नई योजनाएं लागू की गई हैं।
बाल शिक्षा और विकास पर जोर
- ‘उमंग तरंग’ और ‘किलकारी’ वर्कबुक के माध्यम से शिक्षा गतिविधियाँ
- 3 से 6 वर्ष के बच्चों के लिए पूर्व-शिक्षा कार्यक्रम
- प्रेरणा अभियान 2.0 के तहत 1.58 लाख नए लाभार्थी जोड़े गए
बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ और लाड़ो प्रोत्साहन योजना
- लाड़ो प्रोत्साहन योजना में 6 लाख 53 हजार बालिकाओं को पहली किस्त
- अब तक 33,904 बेटी जन्मोत्सव कार्यक्रम आयोजित
- लगभग 1.95 लाख बालिकाओं के जन्मोत्सव मनाए गए
- लाखों वृक्षों का रोपण भी किया गया
यह योजनाएं बालिकाओं के जन्म और शिक्षा को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।
महिला सशक्तिकरण और सुरक्षा
- 2,991 नारी शक्ति उद्यम प्रोत्साहन ऋण स्वीकृत
- 7,471 लाभार्थियों को सामूहिक विवाह योजना का लाभ
- वन स्टॉप सेंटर और पन्नाधाय सुरक्षा केंद्रों के माध्यम से लाखों महिलाओं को सहायता
राजस्थान सरकार का दावा है कि विभिन्न योजनाओं के माध्यम से महिलाओं और बच्चों के जीवन स्तर, पोषण और शिक्षा में सुधार हुआ है तथा राज्य में सामाजिक विकास को नई दिशा मिली है।