लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
भाद्रपद माह की अंतिम प्रमुख राजसी सवारी आज, क्षिप्रा तट पर होगी पूजन-आरती; सिंहस्थ महापर्व 2028 की झांकी रहेगी आकर्षण
उज्जैन। श्री महाकालेश्वर भगवान की श्रावण-भाद्रपद माह की सवारी श्रृंखला के तहत भाद्रपद माह की दूसरी और अंतिम प्रमुख राजसी सवारी आज भव्य स्वरूप में निकलेगी। सवारी को लेकर मंदिर प्रशासन और जिला प्रशासन की ओर से व्यापक तैयारियां की गई हैं। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के उज्जैन पहुंचने की संभावना है।
राजसी सवारी में बाबा महाकाल छह अलग-अलग स्वरूपों में भक्तों को दर्शन देंगे। यह धार्मिक और पारंपरिक आयोजन श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रहेगा।
छह स्वरूपों में होंगे बाबा महाकाल के दर्शन
राजसी सवारी में भगवान महाकाल के विभिन्न स्वरूपों को अलग-अलग रथों और वाहनों पर विराजमान किया जाएगा।
- रजत पालकी में श्री चंद्रमौलेश्वर
- हाथी पर श्री मनमहेश
- गरुड़ रथ पर श्री शिवतांडव
- नंदी रथ पर श्री उमा-महेश
- डोल रथ पर होल्कर स्टेट का मुखारविंद
- सप्तधान पर सप्तधान का मुखारविंद
सभामंडप में विधिवत पूजन के बाद भगवान महाकाल की पालकी नगर भ्रमण के लिए रवाना होगी। मंदिर के मुख्य द्वार पर सशस्त्र पुलिस बल की ओर से बाबा महाकाल को गार्ड ऑफ ऑनर दिया जाएगा।
महाकाल मंदिर से रामघाट तक पहुंचेगी सवारी
शाही सवारी निर्धारित मार्ग से होते हुए क्षिप्रा नदी के तट स्थित रामघाट पहुंचेगी। सवारी महाकाल रोड, गुदरी चौराहा, बक्षी बाजार और कहारवाड़ी होते हुए रामघाट पहुंचेगी। यहां क्षिप्रा तट पर भगवान महाकाल का पूजन और आरती की जाएगी।
इसके बाद सवारी रामानुजकोट, कार्तिक चौक, ढाबा रोड, तेलीवाड़ा, सतीगेट, सराफा और छत्री चौक होते हुए गोपाल मंदिर पहुंचेगी। गोपाल मंदिर में सिंधिया स्टेट की ओर से परंपरा के अनुसार भगवान महाकाल का पूजन किया जाएगा।
इसके बाद सवारी गोपाल मंदिर से पटनी बाजार होते हुए वापस श्री महाकालेश्वर मंदिर पहुंचेगी।
73 भजन मंडलियां और साधु-संत होंगे शामिल
चल समारोह में सबसे आगे 73 भजन मंडलियां रहेंगी। इनके साथ साधु-संत, पुलिस बैंड और मंदिर के पुजारी भी चल समारोह का हिस्सा होंगे। सवारी के दौरान धार्मिक भजनों और पारंपरिक प्रस्तुतियों से शहर का माहौल भक्तिमय रहेगा।
सुरक्षा और आपात व्यवस्था को देखते हुए सवारी के साथ एम्बुलेंस, फायर ब्रिगेड और विद्युत विभाग के वाहन भी तैनात रहेंगे।
LED के जरिए शहर में होगा लाइव प्रसारण
सवारी को देखने के लिए शहर के अलग-अलग हिस्सों में मौजूद श्रद्धालुओं के लिए विशेष व्यवस्था की गई है। चलित रथ पर LED स्क्रीन के माध्यम से सवारी का लाइव प्रसारण किया जाएगा। इसके जरिए फ्रीगंज, नानाखेड़ा, दत्तअखाड़ा सहित शहर के अन्य क्षेत्रों में श्रद्धालु सवारी के दर्शन कर सकेंगे।
सिंहस्थ 2028 की झांकी रहेगी खास आकर्षण
इस बार राजसी सवारी में सिंहस्थ महापर्व 2028 की विशेष झांकी भी शामिल की जाएगी। इसके साथ सांस्कृतिक दलों की प्रस्तुतियां भी श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र रहेंगी।
भाद्रपद माह की अंतिम प्रमुख राजसी सवारी होने के कारण इस आयोजन को लेकर श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह है। बाबा महाकाल के छह स्वरूपों के दर्शन और भव्य चल समारोह को देखने के लिए शहर में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के उमड़ने की संभावना है।
